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Rupee vs Dollar: RBI के फैसलों से मजबूत हुआ रुपया! डॉलर के मुकाबले जबरदस्त उछाल

Rupee vs Dollar : अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 50 पैसे मजबूत होकर 95.24 पर पहुंचा। आरबीआई की नीतियों, विदेशी निवेश नियमों में ढील और मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार से बाजार में भरोसा बढ़ा।

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डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती, 50 पैसे की बढ़त (तस्वीर-istock)

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Rupee vs Dollar : भारतीय रुपये में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती देखने को मिली। आज कारोबार के दौरान रुपया (Indian Rupee) 50 पैसे की बढ़त के साथ 95.24 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। यह तेजी विदेशी मुद्रा बाजार में सकारात्मक माहौल और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की हालिया नीतिगत घोषणाओं के बाद देखने को मिली। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.72 पर खुला और दिनभर के कारोबार में मजबूत होकर 95.24 तक पहुंच गया। यह पिछले बंद भाव 95.74 की तुलना में लगभग 50 पैसे की बढ़त को दर्शाता है। इससे पहले गुरुवार को भी रुपया मामूली बढ़त के साथ 95.74 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

आरबीआई की नीतियों का असर

रुपये की इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण भारतीय रिजर्व बैंक की नई नीतिगत घोषणाएं मानी जा रही हैं। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, आरबीआई द्वारा विदेशी संस्थागत निवेश (FII) से जुड़े नियमों को आसान बनाने से बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स रिजर्व) बाहरी आर्थिक झटकों से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करता है। इस बयान से निवेशकों में भरोसा और मजबूत हुआ, जिसका सकारात्मक असर रुपये पर देखने को मिला।

रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं

आरबीआई ने शुक्रवार को अपनी मौद्रिक नीति बैठक में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला किया। यह लगातार दूसरी बार है जब केंद्रीय बैंक ने प्रमुख नीतिगत दर में कोई बदलाव नहीं किया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए यह निर्णय स्थिरता बनाए रखने के लिए लिया गया है। तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर महंगाई पर पड़ सकता है, जिसे नियंत्रित रखना आरबीआई की प्राथमिकता रही है।

वैश्विक अनिश्चितता के बीच बाजार की स्थिति

दुनिया भर में चल रही आर्थिक अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी ने वित्तीय बाजारों पर दबाव बनाया हुआ है। ऐसे माहौल में भारतीय रुपये की स्थिरता और हल्की मजबूती को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ती है, तो इसका असर आगे भी मुद्रा बाजार पर देखने को मिल सकता है। हालांकि, मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और निवेशकों के भरोसे के कारण रुपये में बड़ी गिरावट की संभावना फिलहाल कम दिखाई दे रही है।

प्रवासी भारतीय निवेशकों के लिए राहत

आरबीआई ने प्रवासी भारतीयों (NRI) और भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए इक्विटी से जुड़े निवेश उत्पादों में निवेश की सीमा बढ़ा दी है। इस कदम से भारत में विदेशी निवेश बढ़ने की उम्मीद है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस फैसले से भारतीय शेयर बाजार में अधिक पूंजी आएगी, जिससे बाजार को दीर्घकाल में मजबूती मिलेगी। साथ ही यह कदम रुपये को भी स्थिरता देने में मदद कर सकता है।

कुल मिलाकर, आरबीआई की नीतिगत घोषणाओं और निवेशकों के बढ़ते भरोसे के कारण रुपये में शुक्रवार को मजबूती देखी गई। हालांकि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां अभी भी अनिश्चित बनी हुई हैं, लेकिन भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति और पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार ने बाजार को सहारा दिया है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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