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ईरान-अमेरिका में तनातनी बढ़ने से लुढ़का रुपया, डॉलर के सामने आज इतने पैसे कमजोर हुआ

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.14 प्रतिशत बढ़कर 98.03 पर पहुंच गया।

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रुपया टूटा

ईरान-अमेरिका में तनातनी बढ़ने और अमेरिकी डॉलर की मांग में तेजी और कच्चे तेल में मजबूती रहने से सोमवार को रुपया शुरुआती बढ़त गंवाकर 19 पैसे टूटकर 93.10 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर गतिरोध बने रहने से वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई है और ईरान एवं अमेरिका के बीच ताजा टकराव के कारण डॉलर की मांग बढ़ने से रुपये पर दबाव बना रहा। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 92.73 पर खुला और कारोबार के दौरान 92.70 के उच्च स्तर तक गया। हालांकि कारोबार के दौरान रुपये ने 93.24 प्रति डॉलर के निचले स्तर को भी छुआ। कारोबार के अंत में रुपया 93.10 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 19 पैसे की कमजोरी दर्शाता है।

शुक्रवार को मजबूत बंद हुआ था रुपया ा

इससे पहले शुक्रवार को रुपया 28 पैसे मजबूत होकर 92.91 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था, जबकि उससे एक दिन पहले बृहस्पतिवार को इसमें 19 पैसे की बढ़त दर्ज की गई थी। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि मजबूत डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण रुपया कमजोर हुआ है। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से निकट अवधि में रुपये में कमजोरी का रुख रह सकता है। उन्होंने कहा कि डॉलर-रुपया विनिमय दर 93 से 93.60 प्रति डॉलर के दायरे में रह सकती है।

कच्चे तेल में उछाल

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 4.64 प्रतिशत गिरकर 94.57 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। घरेलू शेयर बाजार लगभग सपाट रहे। बीएसई सेंसेक्स 26.76 अंक यानी 0.03 प्रतिशत बढ़कर 78,520.30 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 11.30 अंक यानी 0.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,364.85 पर बंद हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 683.20 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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