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गोल्ड लोन नियमों में राहत: दो लाख रुपये तक के कर्जदारों को आरबीआई दिशानिर्देशों से छूट का वित्त मंत्रालय का सुझाव

Gold Loan Rules: वित्त मंत्रालय ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को सुझाव दिया है कि दो लाख रुपये तक के छोटे गोल्ड लोन के कर्जदारों को प्रस्तावित नए दिशा-निर्देशों से छूट दी जाए। यह कदम विशेष रूप से तमिलनाडु में राजनीतिक और किसान संगठनों के विरोध के बाद उठाया गया है। मंत्रालय ने यह भी प्रस्तावित किया कि इन नियमों को 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाए, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर लागू करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। आरबीआई द्वारा जारी मसौदा दिशानिर्देशों का उद्देश्य ऋण प्रक्रिया में पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित करना है।

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गोल्ड लोन (तस्वीर-Canva)

Gold Loan Rules: वित्त मंत्रालय ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा है कि दो लाख रुपये तक के छोटे गोल्ड लोन लेने वालों को प्रस्तावित नए दिशानिर्देशों से बाहर रखा जाए। यह कदम तमिलनाडु में इन नियमों के विरोध के बीच उठाया गया है। आरबीआई ने 9 अप्रैल को सोना गिरवी रखकर लिए जाने वाले ऋणों के लिए एक मसौदा नीति जारी की थी, जिसका उद्देश्य उधारकर्ताओं के हितों की सुरक्षा और प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना था। इसके तहत ऋणदाता शाखाओं में दस्तावेज और मूल्यांकन प्रक्रिया को मानकीकृत करने की बात कही गई थी।

वित्त मंत्रालय ने इस मसौदे की समीक्षा के बाद कहा कि इस तरह के नियमों को पूरी तरह लागू करने के लिए समय चाहिए और इन्हें 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाना चाहिए।

छोटे ऋण लेने वालों को न मिले असुविधा

वित्त मंत्रालय ने यह सुझाव दिया है कि दो लाख रुपये तक के ऋण लेने वाले ग्राहकों को इन प्रस्तावित नियमों से छूट दी जाए, ताकि उन्हें समय पर और आसानी से ऋण मिल सके। मंत्रालय का कहना है कि इस तरह के उधारकर्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही नीति बनाई जानी चाहिए।

आरबीआई के दिशा-निर्देशों का तमिलनाडु में राजनीतिक दलों और किसान संगठनों द्वारा विरोध किया गया है। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने इस मसले को गंभीर मानते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर नियमों पर पुनर्विचार की अपील की है। उन्होंने इन नियमों के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों पर पड़ने वाले पांच बड़े प्रभावों को भी रेखांकित किया।

आरबीआई का मसौदा क्या कहता है

आरबीआई के मसौदे में कहा गया है कि सोने की शुद्धता और वजन की जांच के लिए सभी शाखाओं में एक समान प्रक्रिया अपनाई जाए। साथ ही, ऋणदाताओं की वेबसाइट पर सभी नियमों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। दस्तावेज़ों में गिरवी रखे गए आभूषणों का विवरण, नीलामी प्रक्रिया और भुगतान की समयसीमा स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए।

मंत्रालय को उम्मीद है कि आरबीआई विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझावों और जनता की प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए अंतिम दिशानिर्देश जारी करेगा।

भाषा इनपुट के साथ

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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