Reliance Industries Wealth Creation: 1977 में Reliance के IPO में ₹10 प्रति शेयर के भाव पर निवेश करने वालों को अब तक कुल करीब 5,218 गुना का रिटर्न मिल चुका है। यानी बोनस और स्प्लिट और डिमर्जर जैसे इश्यूज को एडजस्ट कर देखा जाए, तो रिलायंस के शेयर की कीमत अब करीब 52,180 रुपये के करीब बैठती है। यानी अगर किसी ने साल 1977 में 10 रुपये की IPO प्राइस पर रिलायंस के 100 शेयर खरीदे होते, तो उनकी वैल्यू आज करीब 52,18,000 रुपये बनती।
कैसे आया 5218 गुना रिटर्न?
Reliance Industries की शुरुआत शेयर बाजार में 1977 में Reliance Textile Industries के नाम से हुई थी। उस समय कंपनी के IPO में शेयर का भाव ₹10 था। यानी ₹100 में निवेशक 10 शेयर खरीद सकते थे। इसके बाद कंपनी ने समय-समय पर बोनस शेयर जारी किए।
इन बोनस शेयरों से निवेशकों की होल्डिंग बढ़ती गई। अगर किसी निवेशक ने 1977 में 10 शेयर खरीदे थे, बाद में कोई शेयर नहीं खरीदा और संबंधित कॉरपोरेट एक्शन के लिए पात्र बना रहा, तो बोनस और Demerger के बाद उसकी होल्डिंग का गणित इस तरह समझा जा सकता है।
| साल | कॉरपोरेट एक्शन | Reliance के शेयर |
| 1977 | IPO में ₹1,000 का निवेश (₹10 प्रति शेयर) | 100 |
| 1980 | 3:5 बोनस | 160 |
| 1983 | 3:5 बोनस | 256 |
| 1997 | 1:1 बोनस | 512 |
| 2009 | 1:1 बोनस | 1,024 |
| 2017 | 1:1 बोनस | 2,048 |
| 2023 | Demerger के बाद | 2,048 Reliance + 2,048 Jio Financial |
| 2024 | Reliance का 1:1 बोनस | 4,096 Reliance + 2,048 Jio Financial |
आज कितने रुपये की हो गई होल्डिंग?
26 अक्टूबर, 2026 को Reliance Industries का शेयर NSE पर ₹1,201.80 और Jio Financial Services का शेयर ₹205.23 पर बंद हुआ था। इन भावों के आधार पर गणना करें तो शुरुआती ₹100 के निवेश की मौजूदा वैल्यू इस तरह निकलती है।
| निवेश की होल्डिंग | शेयरों की संख्या | 26 अक्टूबर का भाव | कुल वैल्यू |
| Reliance Industries | 400 | ₹1,201.80 | ₹4,80,720 |
| Jio Financial Services | 200 | ₹205.23 | ₹41,046 |
| कुल | NA | NA | ₹5,21,766 |
यहां एक अहम अंतर समझना जरूरी है। केवल Reliance के 400 शेयरों की वैल्यू ₹4,80,720 है, यानी शुरुआती निवेश की लगभग 4,807 गुना।
₹5,21,766 की कुल वैल्यू में Jio Financial Services के अलग से मिले शेयर भी शामिल हैं। इस गणना में बीच के वर्षों में मिले डिविडेंड शामिल नहीं हैं।
क्या Jio भी बना सकती है ऐसी वेल्थ?
Reliance के इतिहास ने एक बात जरूर दिखाई है कि कारोबार का विस्तार, मुनाफे में बढ़ोतरी और लंबी अवधि तक निवेश बनाए रखना मिलकर बड़ी वेल्थ बना सकते हैं। लेकिन Jio Platforms के लिए यह कर पाना आसान नहीं होगा। हालांकि, जियो के पास AI जैसे सेक्टर में ग्रोथ की अथाह संभावनाएं भी हैं। इसके अलावा जियो के पास पहले से ही गूगल और मेटा जैसे रणनीतिक निवेशक भी हैं।
Jio Platforms के कारोबार में कितना दम?
Jio Platforms के पक्ष में सबसे बड़ी बात उसका विशाल टेलीकॉम और डिजिटल कारोबार है। कंपनी के IPO दस्तावेजों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में उसका ऑपरेशनल रेवेन्यू करीब ₹1.47 लाख करोड़ और EBITDA करीब ₹76,255 करोड़ रहा।
EBITDA मार्जिन लगभग 51.91% था। वित्त वर्ष 2024 से वित्त वर्ष 2026 के बीच राजस्व में सालाना चक्रवृद्धि वृद्धि करीब 15.79% और EBITDA में 17.79% रही।
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