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Paytm,बजाज फाइनेंस का क्या होगा ? फाइनेंशियल सेक्टर में धमाका करने को तैयार मुकेश अंबानी

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Jul 11, 2023, 12:54 PM IST

Reliance Industries Demerger Plan: कैश रिच कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज जब पूरी तैयारी से फाइनेंशियल सेक्टर में उतरेगी, तो जाहिर है कि वह बड़े प्लान को अमल में लाएगी। ऐसे में जिस तरह Reliance Jio ने टेलिकॉम सेक्टर में तहलका मचाया,वैसा ही कुछ फाइनेंशियल सेक्टर में हो सकता है।

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Mukesh Ambani Reliance Demerger Plan.

Reliance Industries Demerger Plan: मुकेश अंबानी ऑयल और टेलिकॉम सेक्टर में धमाका करने के बाद अब फाइनेंशियल सेक्टर में बड़े प्लान के साथ आ रहे हैं। इस बार वह Paytm, बजाज फाइनेंस जैसी कंपियों को टक्कर देने की तैयारी में हैं। असल में मार्केट कैपिटल के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने अपनी फाइनेंशियल सर्विस यूनिट जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (Jio Financial Sevices) को अलग (Demerge) करने जा रही है। नई कंपनी फाइनेंशियल सेक्टर के मौजूदा प्लेयर को सीधे तौर पर टक्कर देगी। और आने वाले समय में फिनटेक सेक्टर में नए तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं। जिसका फायदा टेलिकॉम सेक्टर की तरह लोन लोने वाले ग्राहकों को मिल सकता है।

फाइनेंशियल सेक्टर में मचेगी हलचल

कैश रिच कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज जब पूरी तैयारी से फाइनेंशियल सेक्टर में उतरेगी, तो जाहिर है कि वह बड़े प्लान को अमल में लाएगी। और इसके लिए उसे पैसों की किल्लत नहीं होने वाली। ऐसे में जिस तरह Reliance Jio ने टेलिकॉम सेक्टर में तहलका मचाया और एयरटेल-वोडाफोन जैसे दिग्गजों को नई स्ट्रैटेजी के लिए मजबूर कर दिया। वैसा ही कुछ फाइनेंशियल सेक्टर में हो सकता है।

और यहां पर उसकी टक्कर बजाज फाइनेंस और Paytm जैसी कंपनियों से होगी। इस समय एनबीएफसी सेक्टर की दिग्गज कंपनी बजाज फाइनेंस की नेटवर्थ करीब 44,000 करोड़ रुपये है। वहीं इसके मुकाबले जियो फाइनेंशियल की नेटवर्थ करीब 1,50,000 करोड़ रुपये होगी।

बेटी सहित इन दिग्गजों को कमान

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज मुकेश अंबानी के लिए कितनी अहम है, उसे इस बात से समझा जा सकता है कि उन्होंने अपनी बेटी ईशा अंबानी को नई कंपनी में नॉन एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाया है। इसके अलावा भारत सरकार में सचिव रह चुके आशीष महर्षि और पंजाब नेशनल बैंक के पूर्व सीएमडी सुनील मेहता को भी बोर्ड में शामिल किया गया है।

क्या है जियो फाइनेंशियल का प्लान

इस बीच जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (Jio Financial Services) के रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) से डीमर्ज यानी अलग करने की रिकॉर्ड डेट का ऐलान कर दिया गया है। डीमर्जर डील के तहत, सभी रिलायंस शेयरधारकों को अपने हर शेयर के बदले जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का एक शेयर मिलेगा। इसके लिए 20 जुलाई रिकॉर्ड डेट तय की गई है। यानी जिन निवेशकों के पास 19 जुलाई तक रिलायंस का शेयर होगा, वे जेएफएसएल के शेयर प्राप्त करने के लिए एलिजिबल होंगे। इस ऐलान के बाद से रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट कैपिटल 18.61 लाख करोड़ रु हो गई है। रिलायंस का यह कदम इसके 36 लाख शेयरधारकों के लिए वैल्यू को अनलॉक करेगा। साथ ही इससे कैपिटल के लिहाज से पांचवी सबसे बड़े फाइनेंस कंपनी तैयार होगी।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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