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RD Vs PPF: हर महीने ₹5000 की निवेश से 15 साल में कहां बनेगा ज्यादा फंड?

अगर आप शेयर बाजार में निवेश का टेंशन नहीं लेना चाहते हैं तो आपके लिए पोस्ट ऑफिस की स्मॉल सेंविंग एक बेस्ट विकल्प हो सकता है। आप निवेश पर फिक्स रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं।

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आरडी बनाम पीपीएफ

निवेश पर जोखिम नहीं लेने वाले निवेशकों के लिए पोस्ट ऑफिस की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) बेस्ट विकल्प है। सरकार समर्थित ये दोनों छोटी बचत योजनाएं निवेशकों को अच्छे लाभ देती हैं, लेकिन इनमें ब्याज दरों, निवेश की अवधि और टैक्स से जुड़े नियमों के मामले में अंतर होता है। इसलिए, जो लोग निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए इन योजनाओं और इनकी मुख्य विशेषताओं को अच्छी तरह समझना और उसी के अनुसार अपने निवेश की योजना बनाना बहुत जरूरी है। आइए जानते हैं कि अगर आप इन दोनों स्कीम में 5000 रुपये मंथली निवेश करते हैं तो कहां कितना रिटर्न मिलेगा।

अभी कितना मिल रहा ब्याज?

अक्टूबर-दिसंबर 2026 की तिमाही के लिए, पोस्ट ऑफिस RD पर निवेशकों को सालाना 6.7% ब्याज मिल रहा है (जिसकी गणना तिमाही आधार पर होती है), जबकि PPF में सालाना 7.1% की ब्याज दर मिलती है (जिसकी गणना सालाना आधार पर होती है)। यह जनना जरूरी हे कि RD में निवेश की शुरुआती अवधि 5 साल होती है, जबकि PPF 15 साल बाद मैच्योर होता है। जब आप एक ही समय-अवधि के लिए इनके संभावित रिटर्न की तुलना करते हैं, तो यह अंतर बहुत मायने रखता है।

15 सालों में आप कितनी रकम जमा कर सकते हैं?

उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि आप 15 सालों तक किसी एक स्कीम में हर महीने ₹5000 का निवेश करते हैं। तो दोनों ही मामलों में आपका कुल निवेश ₹9 लाख होगा। इसके अलावा, RD में शुरुआती 5 साल की अवधि के बाद इसे अधिकतम 5 साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है। इसलिए, 15 साल तक निवेश करने के लिए आपको 5 साल के लिए एक नई आरडी खोलनी होगी।

नीचे टेबल से समझें कहां कितना मिलेगा रिटर्न?

विवरणपोस्ट ऑफिस RDPPF
मासिक निवेश₹5,000₹5,000
सालाना निवेश₹60,000₹60,000
अनुमानित सालाना ब्याज दर6.70%7.10%
निवेश अवधि10 साल, फिर नई 5 साल की RD15 साल
कुल निवेश₹9 लाख₹9 लाख
अनुमानित कुल फंड₹12,11,103₹16,27,284
अनुमानित ब्याज₹3,11,103₹7,27,284
Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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