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किसानों को राहत! सरकार ने बढ़ाया प्याज का खरीद मूल्य, आज से लागू, अब इतना रुपये प्रति किलो

Onion Procurement Price: सरकार ने प्याज का बफर स्टॉक खरीद मूल्य बढ़ा दिया है। उद्देश्य किसानों को बेहतर दाम देना और बाजार में कीमतों को स्थिर रखना है।

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प्याज के बफर स्टॉक खरीद मूल्य में बढ़ोतरी, किसानों को राहत देने की कोशिश

Photo : iStock

Onion Procurement Price : केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देने और प्याज की खरीद प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने बफर स्टॉक कार्यक्रम के तहत प्याज का न्यूनतम खरीद मूल्य बढ़ाकर 16.50 रुपये प्रति किलो कर दिया है। पहले यह दर 15.80 रुपये प्रति किलो थी। यह नई दर शनिवार (13 जून 2026) से लागू हो गई हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम दिलाने और बाजार में कीमतों को स्थिर रखने के उद्देश्य से लिया गया है।

किसानों की लंबे समय से मांग

देश के सबसे बड़े प्याज उत्पादक राज्य महाराष्ट्र के किसान लंबे समय से अधिक कीमत की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, इसलिए मौजूदा दरें उनके लिए पर्याप्त नहीं हैं। किसानों ने सरकार से करीब 30 रुपये प्रति किलो यानी 3,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर की मांग की थी। उनका तर्क था कि मौजूदा खरीद मूल्य उत्पादन लागत और बाजार की उम्मीदों के मुकाबले काफी कम है, जिससे उन्हें नुकसान हो रहा है।

बफर स्टॉक और मूल्य स्थिरीकरण योजना

सरकार हर साल प्याज जैसी जरूरी फसलों के लिए बफर स्टॉक तैयार करती है। यह काम ‘मूल्य स्थिरीकरण कोष’ (PSF) के तहत किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य बाजार में अचानक होने वाली कीमतों की बढ़ोतरी या गिरावट को रोकना है, ताकि आम उपभोक्ताओं को भी राहत मिल सके और किसानों को भी सही दाम मिलें। इस योजना के तहत सरकार प्याज की खरीद कर उसे स्टोर करती है और जरूरत पड़ने पर बाजार में जारी करती है।

इस साल कम खरीद का लक्ष्य

सरकारी योजना के अनुसार इस साल प्याज की खरीद का लक्ष्य दो लाख टन रखा गया है। यह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के मुकाबले कम है, जब सरकार ने लगभग तीन लाख टन प्याज की खरीद की थी। विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव बाजार की स्थिति और भंडारण क्षमता को ध्यान में रखकर किया गया है। सरकार चाहती है कि जरूरत के अनुसार ही स्टॉक तैयार किया जाए ताकि नुकसान और बर्बादी को रोका जा सके।

केंद्र सरकार की बैठक और नीति में बदलाव

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने हाल ही में विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में प्याज की खरीद प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। मंत्री ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि मौजूदा मंडी कीमतों और स्टोर करने योग्य प्याज की गुणवत्ता को देखते हुए न्यूनतम शुद्ध खरीद कीमत (MAP) को 13 जून 2026 से संशोधित किया गया है। इसे अब 1,650 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है, जो पहले की तुलना में अधिक है।

पिछली कीमतों में भी हुआ था बदलाव

सरकार ने इससे पहले भी किसानों की स्थिति और बाजार की जरूरतों को देखते हुए खरीद मूल्य में बदलाव किया था। पहले यह दर 12.70 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जिसे बढ़ाकर 15.80 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया था। अब एक बार फिर इसमें बढ़ोतरी की गई है, ताकि किसानों को बेहतर दाम मिल सकें और बाजार में संतुलन बना रहे।

उत्पादन का अनुमान और स्थिति

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, फसल वर्ष 2024-25 में प्याज का उत्पादन लगभग 307.67 लाख टन था, जबकि 2025-26 में इसका अनुमान थोड़ा घटकर 307.37 लाख टन लगाया गया है। यह अंतर बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन बाजार में कीमतों और मांग-आपूर्ति पर इसका असर पड़ सकता है।

किसानों और सरकार की चुनौतियां

किसानों की मांग है कि उन्हें उनकी लागत और मेहनत के हिसाब से अधिक कीमत मिले, जबकि सरकार की कोशिश है कि उपभोक्ताओं पर भी कीमतों का ज्यादा बोझ न पड़े। इसी संतुलन को बनाए रखने के लिए बफर स्टॉक और न्यूनतम खरीद मूल्य जैसी नीतियां लागू की जाती हैं। आने वाले समय में यह देखना होगा कि नई दरों से किसानों को कितना लाभ मिलता है और बाजार में कीमतें किस तरह स्थिर रहती हैं।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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