People Want Remote Work: कोरोना काल में एक तरफ जहां बहुत से लोगों की नौकरी चली गई थी, तो वहीं दूसरी तरफ वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) का एक नया कल्चर भी सामने आया, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां बच गईं। मगर बहुत से लोग ऐसे हैं, जिन्हें वर्क फ्रॉम होम की आदत हो गई और वे ऑफिस वापस नहीं लौटना चाहते। इसे लेकर ग्लोबल लेवल पर कंपनियों और कर्मचारियों के बीच खींचतान भी हुई।
मगर अब लोगों की सोच वर्क फ्रॉम होम से आगे बढ़ गई है और वे घर से नहीं बल्कि जहां से चाहें वहां से काम करने की आजादी चाहते हैं। लोग वर्क फ्रॉम एनीवेयर (Work From Anywhere) को सैलरी से ज्यादा महत्व दे रे हैं। इसका साफ मतलब है कि उनके लिए पैसे से ज्यादा काम करने की जगह चुनने की आजादी मायने रखती है। इस बात का खुलासा एक सर्वे में हुआ है। आगे जानिए सर्वे के नतीजे।
रिमोट वर्किंग पर जोर
बड़ी संख्या में कर्मचारी रिमोट वर्किंग यानी कहीं भी बैठकर काम करने के लचीली सिस्टम को सैलरी से अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके साथ ही ऑफिस की जगह घर या किसी अन्य जगह से काम करने की अनुमति देने से कंपनियों को टैलेंटेड कर्मचारी पाने और उन्हें कंपनी में बनाए रखने में मदद मिल रही है।
'द जॉब सर्च प्रोसेस : ए लुक फ्रॉम द इनसाइड आउट' टाइटल वाले एक सर्वे के अनुसार, दो-तिहाई लोगों ने मिलीजुली व्यवस्था या रिमोट वर्किंग (Remote Working) को प्राथमिकता दी है।
क्या चाहिए लोगों को
सर्वे में शामिल 71 प्रतिशत लोगों का मानना है कि उन्होंने नौकरी खोजते समय घर से काम करने की आजादी, काम के घंटों में लचीलापन और आवश्यकता के मुताबिक ब्रेक लेने की सुविधा को प्राथमिकता दी। रोजगार वेबसाइट इनडीड इंडिया के इस सर्वे में 561 एम्प्लॉयर्स और 1,249 नौकरी चाहने वालों सहित कुल 1,810 लोगों से बात की गई।
कंपनियां भी दे रहे मौके
सर्वे में 63 प्रतिशत नौकरी चाहने वालों ने मिली-जुली व्यवस्था यानी घर और ऑफिस दोनों जगह से काम करने की सुविधा को प्राथमिकता दी। वहीं 51 प्रतिशत कंपनियों ने भी अपने ऑपरेशन में इस तरह के लचीलेपन की पेशकश की।
