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पैसे बचाने की नई आदत अपनाएं! क्या है 'Pay Yourself First' फॉर्मूला; जानिए कैसे करता है काम

How to save money: ज्यादातर लोग सैलरी आते ही सबसे पहले किराया, बिजली का बिल और EMI चुकाते हैं और महीने के अंत में जो बचता है (अगर बचता है तो) उसे सेव करते हैं। लेकिन दुनिया के सबसे सफल निवेशक इस तरीके को गलत मानते हैं। Pay Yourself First एक आसान लेकिन पावरफुल फाइनेंशियल हैबिट है। अगर आप इसे अपनी जिंदगी में शामिल कर लेते हैं तो धीरे-धीरे आपकी बचत बढ़ेगी और आर्थिक तनाव कम होगा।

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पैसा कैसा बचाएं (Photo: iStock)

How to save money: पैसे कमाने से ज्यादा पैसे को बचाना जरूरी है। हालांकि, बढ़ते खर्च, लाइफस्टाइल और अनियोजित खर्चों के कारण बहुत से लोगों के साथ ऐसा होता है कि महीने के अंत तक वे कुछ भी बचा नहीं पाते। ऐसे में Pay Yourself First का फॉर्मूला एक बेहद प्रभावी तरीका है, जो आपको नियमित रूप से बचत करने में मदद कर सकता है।

क्या है ‘Pay Yourself First’ का मतलब

इसका सीधा सा अर्थ है खर्च करने से पहले खुद को पे करें, यानी अपनी आय का एक हिस्सा सबसे पहले बचत के लिए अलग रखें। जैसे ही आपकी सैलरी बैंक अकाउंट में आती है, उसी समय एक तय प्रतिशत (जैसे 10% या 20%) बचत के रूप में अलग कर दें। इसे आप एक जरूरी खर्च की तरह मानें, जिसे किसी भी हाल में टाला नहीं जाना चाहिए।

यह तरीका क्यों है असरदार?

अक्सर लोग पहले खर्च करते हैं और जो बचता है, उसे सेविंग में डालते हैं। लेकिन ज्यादातर मामलों में कुछ बचता ही नहीं। Pay Yourself First इस आदत को बदलता है। जब आप शुरुआत में ही बचत कर लेते हैं, तो आपके पास बाकी खर्चों के लिए सीमित पैसा बचता है, जिससे आप अपने खर्चों को कंट्रोल में रखते हैं।

कैसे करें शुरुआत?

इस आदत को अपनाने के लिए सबसे पहले अपनी मासिक आय का एक छोटा हिस्सा तय करें जैसे 10% । धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर 20% या उससे ज्यादा किया जा सकता है। आप अपने बैंक में ऑटो-डेबिट या रिकरिंग डिपॉजिट सेट कर सकते हैं, जिससे हर महीने अपने आप बचत हो जाए।

कहां करें निवेश?

बचत को सिर्फ अकाउंट में रखने के बजाय उसे सही जगह निवेश करना भी जरूरी है। आप फिक्स्ड डिपॉजिट, रिकरिंग डिपॉजिट, म्यूचुअल फंड या पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) जैसे विकल्प चुन सकते हैं। इससे आपकी बचत समय के साथ बढ़ती भी रहेगी।

लंबे समय में फायदे

यह आदत न केवल आपको नियमित बचत करने में मदद करती है, बल्कि इमरजेंसी फंड बनाने, बड़े खर्चों (जैसे घर, कार, शिक्षा) की तैयारी और वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मददगार साबित होती है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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