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नोवार्टिस इंडिया के स्टॉक में तूफानी तेजी, 20% उछला शेयर, बदलने जा रहे कंपनी के प्रमोटर

फार्मा कंपनी Novartis India के शेयरों में शुक्रवार को तूफानी तेजी देखने को मिली है। कंपनी की स्विस पेरेंट फर्म Novartis AG ने अपनी हिस्सेदारी बेचने के ऐलान किया है। इसके चलते कंपनी के प्रमोटर बदलने जा रहे हैं। हालांकि, तेजी के पीछे की वजह ओपन ऑफर की खबरें हैं।

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नोवार्टिस के शेयर में जोरदार तेजी

Novartis India Share में शुक्रवार 20 फरवरी को जोरदार तेजी देखने को मिली है। शुरआती कारोबार में ही शेयरों मे 20% का अपर सर्किट लग गया। असल में नोवार्टिस इंडिया की पैरेंट स्विस कंपनी और मौजूदा प्रमोटर Novartis AG ने अपनी भारतीय सूचीबद्ध इकाई Novartis India में 70.68% हिस्सेदारी बेचने का समझौता किया है। इस घोषणा के बाद शेयर में 20% की तेजी आई और भाव 996.50 रुपये तक पहुंच गया। डील के ऐलान से पहले गुरुवार को शेयर 830.45 रुपये पर बंद हुआ था। मौजूदा स्तर पर कंपनी का मार्केट कैप करीब 2,375 करोड़ रुपये है। बीते एक साल में स्टॉक लगभग 16.5% चढ़ चुका है।

कौन बनेगा नया प्रमोटर?

नोवार्टिस इंडिया की तरफ से एक्सचेंज फाइलिंग में दी गई जानकारी के मुताबिक 1.74 करोड़ इक्विटी शेयर वेव राइज इन्वेस्टमेंट (WaveRise Investments) क्रिस कैपिटल (ChrysCapital Fund X) और टू इनफिनिटी पार्टनर्स को बेचे जाएंगे। ट्रांजेक्शन स्ट्रक्चर के तहत एक इकाई 56.45% हिस्सेदारी 860.64 रुपये प्रति शेयर पर खरीदेगी, जबकि अन्य दो संस्थाएं 701.25 रुपये प्रति शेयर पर क्रमशः 10.32% और 3.91% हिस्सेदारी लेंगी। डील पूरी होने के बाद क्रिस कैपिटल कंसोर्टियम कंपनी का नियंत्रण संभालेगा और नया प्रमोटर क्लासिफाइड होगा। Novartis AG प्रमोटर की श्रेणी से बाहर हो जाएगा।

क्यों आई शेयरों में तेजी?

स्टॉक प्राइस में तेजी की वजह ओपन ऑफर के तहत नए प्रमोटर्स की तरफ से होने वाले शेयरों की खरीद का सौदा है। SEBI नियमों के तहत सौदे में शामिल खरीदारों ने 860.64 रुपये प्रति शेयर पर 26% तक के अनिवार्य ओपन ऑफर की घोषणा की है। ओपन ऑफर मैनेजर के रूप में Axis Capital को नियुक्त किया गया है। हालांकि, फिलहाल शेयर 974 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो ओपन ऑफर प्राइस से लगभग 13% ऊपर है। लेकिन, असल में प्रमोटर्स बदलने के बाद बाजार भविष्य में संभावित वैल्यू अनलॉकिंग या रणनीतिक बदलाव की उम्मीद कर रहा है।

नाम बदलेगा, बोर्ड में बदलाव संभव

कंपनी ने बताया कि डील पूरी होने के 120 दिनों के भीतर कंपनी के नाम से “Novartis” ब्रांड हटाया जाएगा, बशर्ते नियामकीय मंजूरी मिल जाए। इसके साथ ही ChrysCapital को बोर्ड में निदेशकों की नियुक्ति का अधिकार भी मिलेगा।

कैसा है कंपनी का कारोबार?

Novartis India भारत में डायबिटीज, न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी और डर्मेटोलॉजी जैसी कई गंभीर और क्रॉनिक बिमारियों की दवाएं बेचती है। वित्त वर्ष 2025-26 में नोवार्टिस इंडिया ने 356.27 करोड़ रुपये का रेवेन्यू बनाया और 100.90 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट बुक किया। स्टॉक 2.61% डिविडेंड यील्ड देता है। इसके अलावा ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ (TTM) PE 24.33 पर ट्रेड कर रहा है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि नए प्रमोटर के तहत कंपनी की रणनीति और ग्रोथ ट्रेजेक्टरी कैसी रहती है।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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