Why ITC Share Price Crashed: नए साल 2026 की शुरुआत सिगरेट सेक्टर के निवेशकों के लिए झटके के साथ हुई। कारोबार के पहले ही दिन सिगरेट और तंबाकू कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। ITC और Godfrey Phillips India जैसे दिग्गज शेयरों में 10% तक की गिरावट दर्ज की गई। इसकी बड़ी वजह सरकार द्वारा तंबाकू और पान मसाला पर नए टैक्स को लेकर 1 फरवरी 2026 की तारीख तय किया जाना है।

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सरकार के नोटिफिकेशन से बढ़ी चिंता
बुधवार को केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर साफ कर दिया कि 1 फरवरी, 2026 से तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Additional Excise Duty) और पान मसाला पर हेल्थ एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस लागू होगा। यह नया टैक्स ढांचा मौजूदा GST Compensation Cess की जगह लेगा, जो फरवरी से खत्म हो रहा है। नोटिफिकेशन के साथ ही टैक्स बढ़ोतरी को लेकर लंबे समय से बनी अनिश्चितता खत्म हो गई, लेकिन इसके साथ ही निवेशकों की चिंता भी बढ़ गई।
क्यों आई तेज गिरावट?
Godfrey Phillips India के शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 8–10% तक टूट गए। कंपनी का बिजनेस बड़े पैमाने पर सिगरेट पर निर्भर है। निवेशकों को आशंका है कि अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी से लागत बढ़ेगी। इसके अलावा कंपनियों को कीमतें बढ़ानी पड़ सकती हैं, जिसकी वजह से इनकी वॉल्यूम ग्रोथ पर असर पड़ेगा इन्हीं चिंताओं के चलते Godfrey Phillips में भारी बिकवाली देखने को मिली।
ITC 21 महीने के निचले स्तर पर
आईटीसी के शेयरों में भी भारी गिरावट आई है। ITC Share Price में करीब 4–5% की गिरावट दर्ज की गई और स्टॉक 21 महीने के निचले स्तर के आसपास फिसल गया। पिछले ट्रेडिंग सेशन में ITC का शेयर करीब ₹403 के स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि, ITC का कारोबार FMCG, होटल, पेपरबोर्ड और एग्री बिजनेस तक फैला है, लेकिन मुनाफे का बड़ा हिस्सा अब भी सिगरेट से आता है। ऐसे में टैक्स से जुड़ा कोई भी नीतिगत बदलाव सीधे निवेशक सेंटिमेंट को प्रभावित करता है।
नया टैक्स स्ट्रक्चर क्या कहता है?
सरकारी नोटिफिकेशन के मुताबिक सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर 40% और बीड़ी पर 18% GST पहले की तरह लागू रहेगा। इसके अलावा तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगेगी। वहीं, पान मसाला पर नया हेल्थ एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस लगाया जाएगा। इसके साथ ही वित्त मंत्रालय ने च्यूइंग टोबैको एंड अनमैन्युफैक्चर्ड टोबैको पैकिंग मशीन (Capacity Determination and Collection of Duty) रूल्स, 2026 को भी नोटिफाई किया है, जिससे टैक्स कलेक्शन का दायरा और सख्त होगा।
सरकार का मकसद और बाजार का डर
सरकार का कहना है कि GST Compensation Cess खत्म होने के बाद भी ‘सिन गुड्स’ पर टैक्स का बोझ ऊंचा बनाए रखना जरूरी है, ताकि सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े जोखिमों को नियंत्रित किया जा सके। वहीं बाजार इस बात को लेकर आशंकित है कि हाई टैक्स से कंपनियों की लागत बढ़ेगी, जिससे कीमतों में बढ़ोतरी आखिर में मांग को प्रभावित हो सकती है। इससे सिगरेट बिक्री की रफ्तार सुस्त पड़ सकती है।
