Bank Strike Today:आज 27 जनवरी को बैंक कर्मचारियों की बड़ी हड़ताल, जानें देशभर में कौन-कौन बैंक बंद हैं!
- Authored by: रामानुज सिंह
- Updated Jan 27, 2026, 11:40 AM IST
Nationwide Bank Strike Today: अगर आप आज 27 जनवरी, मंगलवार को बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम करने जा रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। बैंक कर्मचारियों की यूनियनों ने आज देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है, जिससे बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। यूएफबीयू ने यह फैसला 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई सुलह बैठक विफल रहने के बाद लिया।
देशभर में बैंक हड़ताल आज, कैश और चेक क्लियरेंस पर पड़ेगा असर (तस्वीर-istock)
Nationwide Bank Strike Today : अगर आप आज 27 जनवरी, मंगलवार को बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। बैंक कर्मचारियों की यूनियनों ने अपनी मांगों को लेकर 27 जनवरी को देशव्यापी बैंक हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल के चलते देशभर में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले नौ संगठनों के संयुक्त निकाय यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) द्वारा हड़ताल का यह आह्वान 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई सुलह बैठक के विफल होने के बाद आया है। यूएफबीयू के घटक अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) के महासचिव सी एच वेंकटचलम ने बताया कि सुलह कार्यवाही के दौरान विस्तृत चर्चा के बावजूद हमारी मांग पर कोई आश्वासन नहीं मिला। इसलिए, हम हड़ताल पर जाने को मजबूर हुए।
क्यों हो रही है बैंक कर्मचारियों की हड़ताल?
बैंक कर्मचारियों की यह हड़ताल पांच दिन काम और दो दिन छुट्टी (5-डे वर्क वीक) की मांग को लेकर की जा रही है। यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर हो रही है। यूएफबीयू का कहना है कि बैंकों में भी अब पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू किया जाना चाहिए, जैसे अन्य सरकारी संस्थानों में होता है। यूनियनों का आरोप है कि सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) की ओर से इस मुद्दे पर लंबे समय से कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
किन बैंकों पर पड़ेगा हड़ताल का असर?
इस हड़ताल में देश के लगभग सभी बड़े सरकारी बैंक शामिल होने वाले हैं। इनमें शामिल हैं: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), पंजाब नेशनल बैंक (PNB),,बैंक ऑफ बड़ौदा,,केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, कई शहरों में बैंक कर्मचारियों ने पहले से ही प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं और चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
क्या-क्या सेवाएं होंगी प्रभावित?
यह हड़ताल 26 जनवरी की आधी रात से शुरू होकर 27 जनवरी की आधी रात तक चलेगी। इस दौरान देशभर में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहने की संभावना है। खासतौर पर निम्न सेवाओं पर असर पड़ सकता है। कैश जमा और निकासी,,चेक क्लीयरेंस,,शाखाओं से जुड़े अन्य काम,,ड्राफ्ट और पासबुक से जुड़े काम, हालांकि, एटीएम और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं आंशिक रूप से चालू रह सकती हैं, लेकिन पूरी तरह निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है।
मार्च 2024 के समझौते पर अब तक अमल नहीं
यूएफबीयू के मुताबिक, मार्च 2024 में आईबीए के साथ हुए वेतन संशोधन समझौते के दौरान सभी शनिवारों को छुट्टी देने पर सहमति बनी थी। इसके अलावा 8 मार्च 2024 को एक संयुक्त नोट भी जारी किया गया था। इसके बावजूद अब तक सरकार की ओर से इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी नहीं मिल पाई है। यूनियनों का कहना है कि जब समझौता हो चुका है, तो उसे लागू करने में इतनी देरी क्यों की जा रही है। इसी देरी के विरोध में बैंक कर्मचारी हड़ताल पर जाने को मजबूर हुए हैं।
अभी कैसी है बैंकों में छुट्टियों की व्यवस्था?
फिलहाल बैंक कर्मचारियों को हर महीने केवल दूसरे और चौथे शनिवार को ही छुट्टी मिलती है। बाकी शनिवारों को बैंकों में सामान्य कामकाज होता है। इसका मतलब यह है कि महीने में दो हफ्ते कर्मचारियों को लगातार छह दिन काम करना पड़ता है। यूनियनों का मानना है कि बदलते समय में यह व्यवस्था अब उचित नहीं रह गई है। जब देश की कई बड़ी संस्थाएं पांच दिन काम कर रही हैं, तो बैंकों में अब भी छह दिन काम की कोई ठोस वजह नहीं है।
यूनियनों का तर्क: काम के घंटे कम नहीं होंगे
बैंक यूनियनों ने साफ किया है कि अगर पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू किया जाता है, तो काम के घंटे कम नहीं होंगे। यूनियनों का कहना है कि कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना करीब 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हैं, ताकि कुल साप्ताहिक कार्य समय में कोई कमी न आए। यह प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है, लेकिन पिछले दो वर्षों से इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
अन्य संस्थानों का उदाहरण दे रहीं यूनियनें
यूएफबीयू का कहना है कि देश में पहले से ही कई संस्थान पांच दिन का कार्य सप्ताह अपना रहे हैं। इनमें शामिल हैं:- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI),,एलआईसी,,स्टॉक एक्सचेंज,,अधिकांश सरकारी कार्यालय। ऐसे में बैंकों में अब भी छह दिन काम की व्यवस्था बनाए रखना तर्कसंगत नहीं लगता। बैंक यूनियनों ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो आगे भी आंदोलन जारी रह सकता है।
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