मंगलवार को ट्रेडिंग के दौरान मर्करी ईवी टेक (Mercury EV Tech) के शेयर की कीमत में 3% से अधिक की तेजी देखी गई, जब कंपनी ने भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को गति देने के लिए वडोदरा में 3.2 गीगावॉट की लिथियम-आयन बैटरी निर्माण सुविधा की घोषणा की। कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी PowerMetz Energy Pvt Ltd के माध्यम से यह परियोजना शुरू की गई है। इस घोषणा के साथ, मर्करी ईवी टेक ने बैटरी निर्माण उद्योग में अपनी शुरुआत की है, वह भी बड़े स्तर और महत्वाकांक्षाओं के साथ।
कंपनी के प्रवक्ता दर्शल शाह ने बताया, "हम सिर्फ क्षमता नहीं बना रहे, हम एक दीर्घकालिक ऊर्जा लचीलापन का मंच तैयार कर रहे हैं। वडोदरा प्लांट के प्रदर्शन और ऑर्डर पाइपलाइन के आधार पर हम दक्षिण भारत में भी एक और 3.2 GW बैटरी प्लांट स्थापित करने की योजना बना रहे हैं।"
स्वचालन की दिशा में बड़ा कदम
कंपनी ने बताया कि वह वैश्विक स्वचालन मानकों के अनुरूप एक फुली ऑटोमेटेड हाई-कैपेसिटी प्रोडक्शन लाइन चीन की एक अग्रणी उपकरण निर्माता कंपनी से मंगवा रही है। भारत से एक तकनीकी टीम 15 अप्रैल 2025 को चीन में उपकरणों का निरीक्षण करेगी। इसके बाद मशीनरी अप्रैल के अंत तक वडोदरा पहुंचने की उम्मीद है। पायलट प्रोडक्शन मई 2025 के मध्य तक शुरू हो सकता है।
मर्करी ईवी टेक शेयर की चाल
मंगलवार को मर्करी ईवी टेक के शेयर ने बीएसई पर ₹59 पर ओपनिंग की और दिन में ₹61 के उच्चतम स्तर व ₹58.15 के न्यूनतम स्तर को छुआ। हालांकि पिछले एक वर्ष में कंपनी के शेयरों में 32.5% की गिरावट आई है, लेकिन वित्तीय प्रदर्शन में वृद्धि देखी गई है। वहीं वार्षिक राजस्व में 39.54% की वृद्धि (₹22.53 करोड़) शुद्ध लाभ में 54.48% की वृद्धि (₹1.99 करोड़) देखने को मिली।
इनोवेशन और आत्मनिर्भरता
कंपनी की यह रणनीति केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सेल इनोवेशन, घरेलू आत्मनिर्भरता और वर्टिकल इंटीग्रेशन के साथ भविष्य के औद्योगिक परिदृश्य को आकार देने की दिशा में एक मजबूत पहल है।
डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार में निवेश की सलाह नहीं दी गई है। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
