बिजनेस

ये है भारत का सबसे महंगा शेयर,कीमत इतनी की खरीद लें Splendor

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated May 8, 2023, 02:52 PM IST

MRF Share Price: मार्च 2023 को खत्म हुए वित्त वर्ष में MRF को 816.23 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ है। और उसका चौथी तिमाही में नेट प्रॉफिट 410.66 करोड़ रहा है। जबकि रेवेन्यू के आधार पर देखा जा तो वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का रेवेन्यू 22,578.23 करोड़ रहा है।

Image

MRF के शेयर रिकॉर्ड लेवल पर

Photo : PTI

MRF Share Price: टायर कंपनी MRF के शेयर Share नए रिकॉर्ड की ओर है। सोमवार (8 मई) को शेयर की कीमत एक लाख रुपये के करीब पहुंच गई। MRF का शेयर इस समय में 52 हफ्ते के टॉप पर है। और वह देश का सबसे महंगा शेयर बन चुका है। इसके एक शेयर की कीमत इतनी है कि आप आसानी स्प्लेंडर (Splendor) बाइक खरीद सकते हैं। सोमवार को BSE पर कंपनी के शेयर 99879.65 रुपये पर पहुंच गए। जबकि NSE पर 99,933.50 रुपये पर पहुंच गया। दोनों जगहों पर कंपनी के शेयर सोमवार को 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं।

कंपनी को हुआ है इतना प्रॉफिट

बीएसई पर दी गई जानकारी के अनुसार मार्च 2023 को खत्म हुए वित्त वर्ष में MRF को 816.23 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ है। और उसका चौथी तिमाही में नेट प्रॉफिट 410.66 करोड़ रहा है। जबकि रेवेन्यू के आधार पर देखा जाए तो वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी का रेवेन्यू 22,578.23 करोड़ रहा है। वहीं अगर कंपनी की मार्केट कैप देखी जाए तो उसकी मार्केट कैप 41,410.52 करोड़ रुपये रही है। कंपनी की टायर इंडस्ट्री में करीब 25 फीसदी हिस्सेदारी है।

गुब्बारे वाले खिलौना बनाने से हुई थी शुरूआत

साल 1946 में युवा कारोबारी के.एम.मामने मापिल्लई ने छोटी के गुब्बारे वाले खिलौने बनाने से कंपनी की शुरूआत चेन्नई में की थी। इसके बाद कंपनी ने ट्रेड रबड़ के कारोबार में विस्तार किया और उसका मार्केट शेयर 50 फीसदी तक पहुंच गया। फिर साल 1960 में कंपनी ने अमेरिकी कंपनी Mansfield Tire & Rubber Co के साथ मिलकर कार, हवाई जहाज, साइकिल आदि के लिए टायर बनाने का काम शुरू किया। और साल 1973 में पहली भारतीय कंपनी बनी जिसने नाइलॉन के टायर बनाने शुरु किए। और उसके बाद से कंपनी नई मुकाम चढ़ती चली गई।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

और पढ़ें
End of Article