फिनटेक कंपनी One MobiKwik Systems Ltd को Reserve Bank of India (RBI) से NBFC लाइसेंस मिलते ही शेयर बाजार में जोरदार हलचल दिखी। कंपनी का शेयर 15% तक उछल गया। यह मंजूरी MobiKwik के बिजनेस मॉडल को पेमेंट से लेंडिंग की ओर तेजी से मोड़ सकती है।
NBFC लाइसेंस के बाद MobiKwik अब सिर्फ पेमेंट प्लेटफॉर्म नहीं रहेगा, बल्कि एक उभरता हुआ डिजिटल लेंडिंग प्लेयर बन सकता है। इससे कंपनी के लिए नए रेवेन्यू चैनल खुलेंगे, हालांकि क्रेडिट रिस्क और रेगुलेटरी चुनौतियां भी साथ आएंगी।
खुला ग्रोथ का नया दरवाजा
MobiKwik को RBI से NBFC लाइसेंस मिलना कंपनी के लिए बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। यह मंजूरी उसे रेगुलेटेड लेंडिंग बिजनेस में उतरने का अधिकार देती है। कंपनी ने इसे अपने फुल-स्टैक फिनटेक बनने की दिशा में अहम कदम बताया है, जिससे उसकी सर्विस रेंज और रेवेन्यू मॉडल दोनों मजबूत होंगे।
लोन बिजनेस का होगा विस्तार
NBFC लाइसेंस के तहत कंपनी अपनी सब्सिडियरी MobiKwik Financial Services Private Limited के जरिए लेंडिंग ऑपरेशन शुरू करेगी। इसके जरिए कंपनी कंज्यूमर और MSME सेगमेंट को टारगेट करते हुए नए क्रेडिट प्रोडक्ट लॉन्च करेगी। इससे कंपनी को डायरेक्ट लोन देने और क्रेडिट इनोवेशन का पूरा कंट्रोल मिलेगा।
यूजर बेस बड़ा हथियार
कंपनी के पास 18.6 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स और लाखों मर्चेंट्स का नेटवर्क है, जो उसे लेंडिंग बिजनेस में तेजी से स्केल करने का मजबूत आधार देता है। यही डेटा और यूजर बेस कंपनी को पर्सनलाइज्ड क्रेडिट प्रोडक्ट बनाने और तेजी से मार्केट में उतारने में मदद करेगा।
AI-ML मॉडल से मिलेगा स्मार्ट क्रेडिट
MobiKwik अपने AI और ML आधारित मॉडल्स का इस्तेमाल कर ग्राहकों को कस्टमाइज्ड लोन ऑफर करेगी। इससे क्रेडिट अप्रूवल तेजी से होगा और रिस्क मैनेजमेंट भी बेहतर होगा। कंपनी का फोकस खासतौर पर Tier 2 और Tier 3 शहरों पर रहेगा, जहां क्रेडिट की पहुंच अभी सीमित है।
को-लेंडिंग मॉडल से बढ़ेगा मार्जिन
NBFC स्ट्रक्चर के तहत कंपनी को-लेंडिंग मॉडल अपनाएगी, जिससे उसे सस्टेनेबल कैपिटल तक बेहतर पहुंच मिलेगी। इससे लेंडिंग मार्जिन में सुधार की उम्मीद है और कंपनी का प्रॉफिटेबिलिटी प्रोफाइल मजबूत हो सकता है।
डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
