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40 लाख से अधिक संदिग्ध अकाउंट हटाए,भारत में छह महीने में 1.6 लाख अकाउंट पर कार्रवाई;सरकार के नोटिस के बाद मेटा का जवाब

मेटा ने कहा कि हाल में भारत में इंस्टाग्राम पर सामने आए ऐसे विज्ञापनों की खबरों से वह अवगत है और इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी हालत में इस तरह की सामग्री को अपने प्लेटफॉर्म पर जगह नहीं देना चाहती और इसे रोकने के लिए लगातार अपनी तकनीक और निगरानी व्यवस्था को मजबूत कर रही है।

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मेटा।

इंस्टाग्राम पर कथित तौर पर बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों को लेकर केंद्र सरकार की सख्ती के बाद सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने मंगलवार को अपना पक्ष रखा। कंपनी ने एक विस्तृत ब्लॉग जारी कर कहा कि बच्चों का यौन शोषण एक "घिनौना अपराध" है और वह अपने सभी प्लेटफॉर्म पर इस तरह की सामग्री के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।

मेटा ने कहा कि हाल में भारत में इंस्टाग्राम पर सामने आए ऐसे विज्ञापनों की खबरों से वह अवगत है और इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया गया है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी हालत में इस तरह की सामग्री को अपने प्लेटफॉर्म पर जगह नहीं देना चाहती और इसे रोकने के लिए लगातार अपनी तकनीक और निगरानी व्यवस्था को मजबूत कर रही है।

'जानबूझकर ऐसे विज्ञापन नहीं दिखाए जाते'

कंपनी ने उन आरोपों को सिरे से खारिज किया कि वह बच्चों से जुड़े विज्ञापनों को किसी विशेष या अनुचित रुचि रखने वाले लोगों तक जानबूझकर पहुंचाती है। मेटा ने कहा कि यह दावा पूरी तरह गलत है।

कंपनी के मुताबिक, वह उन्नत तकनीक की मदद से बच्चों से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों वाले अकाउंट की पहचान करती है। इसी तकनीक के जरिए पिछले वर्ष फेसबुक और इंस्टाग्राम से दुनिया भर में 40 लाख से अधिक संदिग्ध अकाउंट स्वतः हटाए गए।

भारत में छह महीने में 1.6 लाख अकाउंट हटाए

मेटा ने यह भी बताया कि उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ऐसे सिस्टम विकसित किए हैं, जो प्लेटफॉर्म के बाहर मौजूद संदिग्ध लिंक और अन्य संकेतों के आधार पर बाल यौन शोषण से जुड़े नेटवर्क की पहचान कर सकते हैं। कंपनी के अनुसार, केवल पिछले छह महीनों में भारत में इसी तकनीक की मदद से 1.60 लाख संदिग्ध अकाउंट हटाए गए।

पहले ही हटा दिए गए थे कई विज्ञापन

मेटा ने कहा कि सरकार या अन्य एजेंसियों की ओर से मामला उठाए जाने से पहले ही उसके ऑटोमेटेड सिस्टम ने कई नियमों का उल्लंघन करने वाले विज्ञापनों और उनसे जुड़े अकाउंट की पहचान कर उन्हें बंद कर दिया था।

सरकार ने भेजा है नोटिस

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने Meta को नोटिस जारी कर इंस्टाग्राम पर बाल यौन शोषण सामग्री से जुड़े सभी विज्ञापनों और कंटेंट को तत्काल हटाने का निर्देश दिया था। मंत्रालय ने कंपनी से सात दिनों के भीतर विस्तृत जवाब भी मांगा है। यह कार्रवाई केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के निर्देश के बाद की गई, जिन्होंने अधिकारियों को मेटा को तलब करने के आदेश दिए थे।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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