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KSH International IPO आज खुला: प्राइस बैंड से लेकर GMP तक, जानें 5 जरूरी बातें

KSH International IPO पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए 16 दिसंबर को खुल गया है।। वित्त वर्ष 2023 से 2025 के दौरान कंपनी का रेवेन्यू 29% और मुनाफा 33% की दर से बढ़ा है। SBI सिक्योरिटीज ने वैल्यूएशन और रिस्क फैक्टर्स को देखते हुए इसे इश्यू को न्यूट्रल रेटिंग दी है। यहां जानें प्राइस बैंड, GMP और रिस्क फैक्टर सहित इस इश्यू से जुड़ी पांच जरूरी बातें।

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मैग्नेट वाइंडिंग वायर सेगमेंट में! देश की सबसे बड़ी निर्यातक कंपनी KSH International का IPO सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। (फोटो क्रेडिट आईस्टॉक)

मैग्नेट वाइंडिंग वायर सेगमेंट में देश की सबसे बड़ी निर्यातक कंपनी KSH International का IPO सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। 710 करोड़ रुपये के इस IPO में बड़ा हिस्सा फ्रेश इश्यू का है, जिसका मतलब है कि फंड का बड़ा हिस्सा कंपनी को जाएगा। हालांकि, SBI सिक्योरिटीज ने अपनी ब्रोकरेज रिपोर्ट में ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर चिंता जताई है। हालांकि, लॉन्ग-टर्म में कंपनी के बिजनेस मॉडल, एक्सपोर्ट ग्रोथ और EV-पावर थीम को पॉजिटिव माना है।

KSH International भारत की सबसे बड़ी मैग्नेट वाइंडिंग वायर एक्सपोर्टर और तीसरी सबसे बड़ी निर्माता है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी की करीब 70% इनकम स्पेशलाइज्ड मैग्नेट वाइंडिंग वायर से आई, जिनका इस्तेमाल ट्रांसफॉर्मर, मोटर, जनरेटर और EV सेगमेंट में होता है। कंपनी की मौजूदगी 24 देशों में है, जिसमें अमेरिका और यूरोप जैसे बाजार शामिल हैं।

1. कब तक कर सकते हैं निवेश?

KSH International का IPO 16 दिसंबर 2025 से 18 दिसंबर, 2025 तक निवेश के लिए खुला है। इसका प्राइस बैंड 365 से 384 रुपये तय किया गया है। इश्यू में 420 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 290 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है।

2. कहां होगा फंड का इस्तेमाल?

IPO से मिलने वाले फंड के फ्रेश इश्यू वाले 420 करोड़ रुपये में से 226 करोड़ रुपये कर्ज चुकाने में इस्तेमाल होंगे। SBI Securities के मुताबिक इससे सालाना 10–13 करोड़ रुपये तक की ब्याज बचेगा, जिससे कंपनी की वित्तीय स्थिति और मजबूत होगी. खासतौर पर लिस्टिंग के बाद अर्निंग पर शेयर (EPS) और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) में भी सुधार देखने को मिल सकता है.

3. कैसा है वैल्यूएशन?

384 रुपये के अपर बैंड पर KSH का P/E करीब 38x है। SBI सिक्योरिटीज के हिसाब से यह वैल्यूएशन Precision Wires और Ram Ratna Wires जैसी कंपनियों के मुकाबले फेयर माना जा रहा है, खासकर तब जब कंपनी का EBITDA और नेट मार्जिन पीयर्स से बेहतर है।

4. क्या हैं बड़े रिस्क फैक्टर?

कंपनी के सामने कई चुनौतिया हैं. मसलन, 50 फीसदी कच्चे माल की सप्लाई के लिए कंपनी शीर्ष 10 सप्लायर्स पर निर्भर है। इसके अलावा, रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा पावर सेक्टर से आता है, जिससे एक सेक्टर पर निर्भरता का जोखिम भी बना रहता है।

5. कैसा है GMP का हाल?

ग्रे मार्केट में फिलहाल KSH International IPO को लेकर फिलहाल कोई हलचल नहीं दिख रही है। इन्वेस्टरगेन पर लेटेस्ट अपडेटेड डाटा के मुताबिक फिलहाल इस इश्यू का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) शून्य है. वहीं, पिछले चार-पांच दिन में भी GMP के मोर्चे पर कोई हलचल देखने को नहीं मिल रही है। इसके अलावा सब्सक्रिप्शन की शुरुआत भी सुस्त हुई है। NSE के डाटा के मुताबिक दिन में 11:30 बजे तक इश्यू सभी कैटेगरी में 0.05 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है।

डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल जानकारी दी गई है. केवल जीएमपी के आधार पर निवेश पर फैसला नहीं करें निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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