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कभी 'नंदिनी' ने हिला दी थी सरकार,KMF का फैसला अब जेब पर पड़ेगी भारी

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Jun 22, 2023, 03:51 PM IST

KMF Is Planning To Increase Nandini Milk Price: कर्नाटक सरकार दूध किसानों को 6 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी देती है।KMF देश का दूसरा सबसे बड़ा डेयरी कोऑपरेटिव है। और उसके दूध की कीमत दूसरे ब्रांड की मुकाबले कर्नाटक में 12-15 रुपये सस्ती हैं।

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कर्नाटक मे नंदिनी बनाम अमूल बना था चुनावी मुद्दा

KMF Is Planning To Increase Nandini Milk Price: अभी दो महीने पहले तक नंदिनी दूध का मुद्धा पूरे देश में छाया हुआ था। ऐसा लगता था कि कर्नाटक में अगर अमूल की एंट्री हो गई तो वह नंदिनी ब्रांड को तबाह कर देगा। लेकिन विधानसभा चुनाव खत्म होते और सरकार बदलते पूरा मुद्धा खत्म हो गया है। और अब ऐसी खबरे हैं कि नंदिनी का दूध 5 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो जाएंगे। और इस बढ़ोतरी पर कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार में कोऑपरेटिव मिनिस्टर के.एन.राजन्ना कह रहे हैं कि हम सरकार में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने के लिए नहीं हैं। उनका कहना है कि जब लोग पानी के लिए पैसा दे सकते हैं तो दूध के लिए क्यों नहीं ? जाहिर है चुनाव खत्म होने के बाद महंगाई कोई मुद्दा रह नहीं जाता है।

नंदिनी दूध होगा महंगा

द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) ने नंदिनी दूध की कीमतों में 5 रुपये बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा है। KMF देश का दूसरा सबसे बड़ा डेयरी कोऑपरेटिव है। और उसके दूध की कीमत दूसरे ब्रांड की मुकाबले कर्नाटक में 12-15 रुपये सस्ती हैं। इसके पहले नवंबर 2022 में भी दूध की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा गया था। जिसे भाजपा की नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार ने खारिज कर दिया था। और 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की मंजूरी दी थी। कीमतों को देखा जाय तो नंदिनी के एक लीटर टोन्ड दूध की कीमत 39 रुपये प्रति लीटर है, जो कि देश में सबसे सस्ता है।

6 रुपये मिलती है सब्सिडी

ऐसे में सवाल उठता है कि जब देश में टोन्ड दूध 54 रुपये के करीब है तो नंदिनी का दूछ कैसे इतना सस्ता मिलता है। तो इसके पीछे की वजह कर्नाटक मिल्क फेडरेशन को मिलने वाली सब्सिडी है। कर्नाटक सरकार दूध किसानों को 6 रुपये प्रति लीटर की सब्सिडी देती है। साल 2008 में भाजपा के तत्कालीन मुख्यमंत्री बीएस. येद्दियुरप्पा ने केएमएफ से जुड़े किसानों को 2 रुपये प्रति लीटर सब्सिडी देने की फैसला किया था। इसके बाद 2013 में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सिद्धारमैया सरकार ने इसे बढ़ाकर पहले 4 रुपये लीटर, फिर 2016 में 5 रुपये लीटर कर दिया। जिसके एक बार फिर सत्ता में आने के बाद येद्दियुरप्पा के नेतृत्व वाली भाजपा की सरकार ने 6 रुपये कर दिया । अब तत्कालीन मंत्री राजन्ना किसानों के हितों की बात करते हुए उपभोक्ता को दरकिनार कर रहे हैं।

प्रशांत श्रीवास्तव
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करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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