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ITR Filing: इनकम टैक्स रिटर्न के लिए कितना जरूरी है फॉर्म 16, जानें इसमें क्या-क्या होता है

Income Tax Return Filing: वित्तीय वर्ष 2023-24 और आकलन वर्ष 2024-25 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने का मौसम चल रहा है। वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए फॉर्म 16 काफी महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं इसमें क्या-क्या होता है।

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आईटीआर फाइल करने के लिए फॉर्म 16 कितना जरूरी (तस्वीर-Canva)

Income Tax Return Filing: वित्तीय वर्ष 2023-24 और आकलन वर्ष 2024-25 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल किया जा रहा है। वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए उनकी कंपनियों या संस्थानों ने फॉर्म 16 जारी कर दिया होगा। अगर नहीं किया गया होगा तो जल्द जारी कर दिया जाएगा। नियोक्ताओं को कानून के मुताबिक प्रत्येक वर्ष 15 जून को या उससे पहले फॉर्म 16 प्रदान करना जरूरी होता है। यह इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने में सहायक दस्तावेजों में से एक है। फॉर्म-16 यह दिखाता है कि वेतन के रूप में प्राप्त आय को कई भत्तों और कटौतियों में कैसे जोड़ा जाता है। यहां समझें फॉर्म-16 में क्या होता है।

फॉर्म 16 का पार्ट A

इस सेक्शन में दी गई जानकारी में नियोक्ता यानी जिस कंपनी या संस्थान में आप काम करते हैं, उसका का TAN (टैक्स कटौती और कलेक्शन अकाउंट नंबर), कर्मचारी का PAN (परमानेंट अकाउंट नंबर) और काम की अवधि शामिल होता है। यह सरकार के पास रोके गए और जमा किए गए टैक्स का भी अवलोकन देता है।

फॉर्म 16 का पार्ट B

टैक्सपेयर्स के लिए फॉर्म 16 का पार्ट B यकीनन सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह कर्मचारी के वेतन, लाभ और आय के अन्य स्रोतों का डिटेल ब्यौरा प्रदान करता है। यह इनकम टैक्स एक्ट के तहत उन कटौतियों को प्रदर्शित करता है जिनका लाभ उठाया जा सकता है, जिसमें सेक्शन 80C और 80D (निवेश और मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम) शामिल हैं।

सैलरी डिटेल

फॉर्म 16 के पार्ट B में निहित वेतन जानकारी की सावधानीपूर्वक जांच की जानी चाहिए। इसमें मूल वेतन, भत्ते, बोनस और भत्ते जैसे तत्व शामिल हैं।

टैक्स कटौती

इनकम टैक्स एक्ट के विभिन्न प्रावधानों के तहत कर्मचारी द्वारा दावा की गई कटौतियों की डिटेल समरी फॉर्म-16 पर पाया जा सकता है। सटीकता सुनिश्चित करने के लिए टैक्सपेयर्स को निवेश और खर्च के विरुद्ध की गई कटौतियों की पुष्टि करनी चाहिए।

टैक्स की गणना

कर्मचारी की कुल आय और उस पर देय टैक्स की गणना भी फॉर्म 16 के भाग B में शामिल होता है। यह नियोक्ता द्वारा स्रोत पर काटे गए टैक्स (TDS) के साथ-साथ किसी भी अतिरिक्त टैक्स बकाया या देय रिफंड का वर्णन करता है।

इनकम टैक्स दाखिल करने के लिए फॉर्म-16 का यूज

फॉर्म-16 कर्मचारियों को उनकी आय और टैक्स कटौती के बारे में बताता है, जिससे इनकम टैक्स दाखिल करने की प्रक्रिया आसान हो जाती है। यह टैक्सपेयर्स को उनकी आय रिपोर्टिंग और कटौती दावों के संबंध में सटीकता के साथ अपने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अनुमति देता है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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