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IT Share क्यों बने रॉकेट, Infosys 5%, तो TCS-HCL 2% भागे; पूरा Nifty IT 3% चढ़ा

Infosys के मजबूत गाइडेंस और TCS के डिविडेंड के दम पर आज पूरा Nifty IT इंडेक्स हरा है। Infosys के Q3 FY26 नतीजों के बाद स्टॉक ओपनिंग में ही 5% तक उछल गया, जबकि TCS और HCL Tech जैसे दिग्गज भी करीब 2% तक मजबूत दिखे। इस जोरदार खरीदारी का असर पूरे सेक्टर पर पड़ा और Nifty IT Index करीब 3% चढ़कर हरे निशान में पहुंच गया।

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आईटी स्टॉक्स में रैली (इमेज क्रेडिट, कैन्वा)

Infosys Pushing Nifty IT UP: बाजार खुलते ही IT शेयरों में तेज खरीदारी दिखी और सेक्टर ने बाकी इंडेक्स को पीछे छोड़ दिया। Infosys के नतीजों के बाद बने पॉजिटिव सेंटिमेंट का असर पूरे पैक पर पड़ा, जिससे Nifty IT Index करीब 3% उछलकर 38,939 के आसपास पहुंच गया। इस तेजी ने साफ संकेत दिया कि निवेशक IT स्पेस में डील पाइपलाइन और ग्रोथ आउटलुक को लेकर फिर से भरोसा जता रहे हैं।

Infosys में जोरदार गैपअप

Infosys के शेयर NSE पर ₹1,633.70 पर Gap-Up खुले, जो पिछले बंद ₹1,599.80 के मुकाबले 2% से ज्यादा ऊपर था। शुरुआती ट्रेड में स्टॉक ने ₹1,671.70 का हाई बनाया और करीब 4.5% तक मजबूत हो गया। नतीजों के बाद स्टॉक में यह उछाल बताता है कि बाजार ने रेवेन्यू ग्रोथ और गाइडेंस अपग्रेड को पॉजिटिव ट्रिगर माना है।

पूरा IT सेक्टर भागा

Infosys के साथ-साथ TCS और HCL Tech जैसे दिग्गज भी करीब 2% से ज्यादा चढ़े। Wipro, Tech Mahindra, LTIMindtree, Coforge और Persistent जैसी कंपनियों में भी 2% से 4% तक की तेजी दिखी। यानी यह सिर्फ एक स्टॉक का रिएक्शन नहीं था, बल्कि पूरे सेक्टर में एक साथ ब्रॉड-बेस्ड रैली नजर आई।

स्टॉकप्राइस (₹)तेजी (%)
Infosys (INFY)1,677.304.84%
Mphasis2,909.004.31%
Wipro269.403.54%
Tech Mahindra1,641.203.32%
OFSS7,772.503.21%
LTIMindtree6,222.503.18%
TCS3,218.302.64%
Coforge1,725.302.60%
Persistent6,423.502.38%
HCL Tech1,695.502.35%
Infosys पर Nuvama का बड़ा दांव

ET Now की रिपोर्ट के मुताबिक Nuvama ने Infosys पर BUY रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट ₹1,800 से बढ़ाकर ₹1,900 कर दिया। ब्रोकरेज का कहना है कि Q3 में कंपनी का रेवेन्यू ग्रोथ Street estimate से बेहतर रहा और EBIT मार्जिन 21.2% के आसपास स्थिर रहा। सबसे अहम बात यह रही कि मैनेजमेंट ने FY26 की रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को अपग्रेड किया है, जिसे बाजार ने मजबूत संकेत माना।

क्यों बढ़ा भरोसा?

Infosys के लिए इस तिमाही में डील मोमेंटम सबसे बड़ा पॉजिटिव फैक्टर रहा। कंपनी का Total Contract Value यानी TCV $4.8 billion रहा, जो QoQ आधार पर 57% और YoY आधार पर 92% की छलांग दिखाता है। इसी तिमाही में 26 large deals साइन हुए, जिनमें $1.6 billion का NHS deal भी शामिल रहा। यही वजह है कि बाजार को आगे की ग्रोथ विजिबिलिटी ज्यादा मजबूत नजर आई।

AI मोमेंटम बना ट्रिगर

Nuvama के मुताबिक कंपनी ने AI को लेकर मजबूत मोमेंटम दिखाया है और Infosys के पास 4,600 से ज्यादा AI प्रोजेक्ट्स हैं। मैनेजमेंट ने यह भी संकेत दिया कि AI के चलते प्राइसिंग पर कोई नकारात्मक दबाव नहीं है। बाजार के लिए यह मैसेज अहम है, क्योंकि GenAI को लेकर उम्मीद है कि आने वाले क्वॉर्टर्स में IT कंपनियों की डिमांड और मार्जिन प्रोफाइल को सपोर्ट मिल सकता है।

Elara ने भी बढ़ाया टारगेट

Elara Capital ने Infosys पर Accumulate रेटिंग बनाए रखी और टारगेट ₹1,700 से बढ़ाकर ₹1,770 कर दिया। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का Q3 रेवेन्यू अनुमान से बेहतर रहा और मार्जिन भी उम्मीद से ज्यादा मजबूत निकले। मजबूत 9MFY26 परफॉर्मेंस और robust deal wins के चलते Infosys ने FY26 गाइडेंस बढ़ाई, जिससे सेक्टर में पॉजिटिव सेंटिमेंट और मजबूत हुआ।

गाइडेंस ने बदला गेम

Infosys ने FY26 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को 2–3% से बढ़ाकर 3–3.5% कर दिया है। यह अपग्रेड ऐसे समय आया है जब IT सेक्टर को लेकर पिछले कुछ महीनों से ग्लोबल डिमांड और डिस्क्रेशनरी स्पेंडिंग पर सवाल उठ रहे थे। गाइडेंस बढ़ने के बाद बाजार को यह संकेत मिला कि कंपनी को आगे ग्रोथ ट्रैक्शन ज्यादा मजबूत दिख रहा है।

निवेशकों के लिए संकेत

आज की तेजी ने साफ कर दिया कि IT सेक्टर में अगला बड़ा ट्रिगर डील फ्लो और गाइडेंस ट्रेंड ही रहेगा। Infosys के नतीजों के बाद जिस तरह पूरा Nifty IT हरा हुआ, उससे संकेत मिलता है कि बाजार अब सेक्टर को दोबारा री-रेट करने के मूड में आ सकता है, खासकर तब जब GenAI adoption और मैक्रो रिकवरी का नैरेटिव मजबूत होता दिखे।

डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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