भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने एक नया कीर्तिमान बना लिया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 5 सितंबर तक देश का फॉरेक्स रिजर्व 4.03 अरब डॉलर बढ़कर 698.26 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इससे पहले 29 अगस्त को खत्म हुए हफ्ते में यह 694.23 अरब डॉलर था। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में आई है जब अगस्त महीने में रिटेल महंगाई का आंकड़ा जुलाई के मुकाबले ऊपर गया और अमेरिका की ओर से लगाए गए 50% टैरिफ ने भी चिंता बढ़ाई थी।
कितना बढ़ा खजाना
आरबीआई की रिपोर्ट बताती है कि विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (FCA), जो कुल रिजर्व का सबसे बड़ा हिस्सा होती हैं, 54 करोड़ डॉलर बढ़कर 584.47 अरब डॉलर तक पहुंच गईं। इसमें डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और येन जैसी अन्य प्रमुख करेंसी भी शामिल होती हैं। इसके अलावा सोने का भंडार भी इस हफ्ते 3.53 अरब डॉलर की तेजी के साथ 90.29 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वहीं, स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) 3.4 करोड़ डॉलर घटकर 18.74 अरब डॉलर रह गए, जबकि आईएमएफ में भारत की रिजर्व पोजिशन 20 लाख डॉलर बढ़कर 4.75 अरब डॉलर हो गई।
RBI समय-समय पर विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप करता है ताकि रुपये में तेज उतार-चढ़ाव पर काबू पाया जा सके। इसके लिए केंद्रीय बैंक डॉलर की खरीद-बिक्री करता है, हालांकि यह कदम किसी खास विनिमय दर को नियंत्रित करने के लिए नहीं, बल्कि बाजार को स्थिर बनाए रखने के लिए उठाया जाता है।
हर हफ्ते जारी होता अपडेट
गौरतलब है कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार हर हफ्ते अपडेट होता है। RBI हर शुक्रवार शाम को इसका डेटा जारी करता है, जिसमें पिछले हफ्ते तक की स्थिति बताई जाती है। इसमें चार प्रमुख घटकों की जानकारी होती है विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, गोल्ड रिजर्व, विशेष आहरण अधिकार (SDRs) और आईएमएफ में जमा भारत की रिजर्व पोजिशन। 698 अरब डॉलर का स्तर भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत संकेत है, जो वैश्विक दबाव और महंगाई जैसी चुनौतियों के बीच भी स्थिरता और मजबूती बनाए रखे हुए है।
