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रिलायंस की केजी बेसिन गैस की दूसरी नीलामी में IOC को मिला आधा हिस्सा, डेली इतनी मिलेगी गैस

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Jun 11, 2023, 01:41 PM IST

IndianOil top bidder for Reliance: देश की सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसकी ब्रिटिश भागीदार बीपी की केजी गैस की हालिया प्राकृतिक गैस नीलामी में करीब आधा हिस्सा हासिल किया है।

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पेट्रोलियम कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन

Photo : iStock

IndianOil top bidder for Reliance: देश की सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसकी ब्रिटिश भागीदार बीपी की केजी गैस की हालिया प्राकृतिक गैस नीलामी में करीब आधा हिस्सा हासिल किया है। प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल बिजली और उर्वरक उत्पादन में होता है। इसके अलावा इसे वाहन ईंधन सीएनजी और रसोई में इस्तेमाल होने वाले ईंधन में भी बदला जाता है।

आईओसी को 25 लाख घनमीटर प्रतिदिन मिलेगी गैस

सूत्रों ने बताया कि पिछले महीने हुई नीलामी में आईओसी ने 25 लाख घनमीटर प्रतिदिन गैस हासिल की है। नीलामी में 50 लाख घनमीटर गैस रखी गई थी। तेल शोधन और विपणन कंपनी ने इस मात्रा के लिए बोली सात उर्वरक संयंत्रों की ओर से लगाई थी। रिलायंस-बीपी की पिछली पूर्वी अपतटीय केजी-डी6 ब्लॉक की गैस की नीलामी में भी आईओसी ने सबसे ज्यादा गैस के लिए बोली लगाई थी।

इन कंपनियों ने भी लगाई बोली

शहर गैस वितरण कंपनियों...गेल गैस लि., महानगर गैस लि., टॉरेंट गैस, अडाणी गैस लि. और हरियाणा सिटी गैस आदि ने कुल मिलाकर पांच लाख घनमीटर प्रतिदिन की गैस के लिए बोली लगाई। ये कंपनियां इस गैस को सीएनजी और रसोई में इस्तेमाल वाली पीएनजी में बदलती हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों गेल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (एचपीसीएल) को 6-6 लाख घनमीटर प्रतिदिन की गैस मिली। वहीं गुजरात राज्य पेट्रोलियम निगम (जीएसपीसी) को पांच लाख घनमीटर और शेल को दो लाख घनमीटर गैस हासिल हुई।

दूसरे दौर की खोजों से उत्पादन शुरू कर इस रुख को पलटा

रिलायंस-बीपी ने दो साल पहले घरेलू गैस उत्पादन में गिरावट के रुख को पलट दिया था। उसने बंगाल की खाड़ी के गहरे समुद्र क्षेत्र में केजी-डी6 ब्लॉक में दूसरे दौर की खोजों से उत्पादन शुरू कर इस रुख को पलटा था। प्राकृतिक गैस एक स्वच्छ और दक्ष ईंधन है। यह विभिन्न देशों के शून्य उत्सर्जन वाले ईंधन की ओर बढ़ने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। रिलायंस-बीपी ने ताजा निविदा में एक जून से तीन साल की अवधि के लिए 50 लाख घनमीटर प्रतिदिन गैस की पेशकश की थी।

ई-नीलामी 23 मई को बंद हुई थी

सूत्रों ने बताया कि ई-नीलामी 19 मई को शुरू होकर 23 मई को बंद हुई थी। इससे पहले रिलायंस-बीपी ने अप्रैल में करीब 60 लाख घनमीटर प्रतिदिन गैस की नीलामी की थी। 12 अप्रैल को हुई ई-नीलामी में आधा हिस्सा आईओसी को मिला था। वहीं गेल को सात लाख घनमीटर, अडाणी-टोटल गैस को चार लाख घनमीटर, शेल को पांच लाख घनमीटर, जीएसपीसी को ढाई लाख घनमीटर और आईजीएस को पांच लाख घनमीटर गैस मिली थी।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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