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Global Trade:जिन देशों के साथ भारत ने किया FTA,जानें उनसे कितना बढ़ा बिजनेस और किसे मिला फायदा

India FTA Countries Trade: भारत विश्व व्यापार में 1.8 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ निर्यात में विश्व स्तर पर 17वें स्थान पर है। आयात के मोर्चे पर वैश्विक व्यापार में 2.8 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ देश आठवें स्थान पर है। पिछले 6 साल में आयात करीब 38 प्रतिशत बढ़ा है जबकि निर्यात 14.488 फीसदी बढ़ा है।

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भारत की ग्लोबल व्यापार में हिस्सेदारी

India FTA Countries Trade:भारत का संयुक्त अरब अमीरात, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे मुक्त व्यापार समझौते वाले देशों से वस्तुओं का आयात बीते 6 साल के दौरान 38 प्रतिशत बढ़कर 187.92 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। जबकि इसी अवधि में निर्यात 14.48 प्रतिशत बढ़कर 122.72 अरब अमेरिकी डॉलर पहुंच गया है। आर्थिक शोध संस्थान ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। उसके अनुसार आयात और निर्यात में हुई यह बढ़ोतरी भारत की वैश्विक व्यापार गतिशीलता पर मुक्त व्यापार समझौतों की अहमियत और उसके होने वाले असर को बताती है।

किस देश के साथ कैसा रहा कारोबार

GTRI की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2018-19 से 2023-24 के बीच आयात करीब 38 प्रतिशत बढ़कर 187.92 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। जबकि देश का निर्यात 2018-19 में 107.20 अरब अमेरिकी डॉलर से 2023-24 में 14.48 प्रतिशत बढ़कर 122.72 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।

आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष में संयुक्त अरब अमीरात में भारत का निर्यात 2023-24 में 18.25 प्रतिशत बढ़कर 35.63 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि 2018-19 में यह 30.13 अरब अमेरिकी डॉलर था। आयात वित्त वर्ष 2018-19 में 29.79 अरब अमेरिकी डॉलर से 61.21 प्रतिशत बढ़कर 48.02 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच एफटीए मई 2022 में लागू हुआ था।

इसी तरह ऑस्ट्रेलिया, जापान, 10 देशों वाले दक्षिणपूर्व एशियाई गुट आसियान और दक्षिण कोरिया के साथ भी एफटीए के बाद निर्यात और आयात में बढ़ोतरी हुई है।

भारत का ग्लोबल ट्रेड में कितना हिस्सा

भारत विश्व व्यापार में 1.8 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ निर्यात में विश्व स्तर पर 17वें स्थान पर है। आयात के मोर्चे पर वैश्विक व्यापार में 2.8 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ देश आठवें स्थान पर है। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत का व्यापारिक निर्यात 3.11 प्रतिशत गिरकर 437.1 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया और आयात भी 5.4 प्रतिशत घटकर 677.2 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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