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India-US Tariff: भारत ने स्टील, एल्युमीनियम पर अमेरिका के खिलाफ जवाबी टैरिफ लगाने का रखा प्रस्ताव

India-US tariff: भारत ने स्टील औक एल्युमीनियम पर अमेरिकी टैरिफ के जवाब में विश्व व्यापार संगठन (WTO) के मानदंडों के तहत अमेरिका पर जवाबी टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा।

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अमेरिका पर भी समान टैरिफ

Photo : iStock

India-US tariff: भारत ने अमेरिका द्वारा स्टील और एल्युमीनियम उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ के जवाब में विश्व व्यापार संगठन (WTO) के मानदंडों के तहत जवाबी टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया है। यह कदम भारत की ओर से व्यापारिक हितों की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है।

7.6 अरब डॉलर के व्यापार पर असर

WTO के मुताबिक अमेरिका द्वारा लगाए गए इन टैरिफ का भारत से होने वाले स्टील और एल्युमीनियम उत्पादों के निर्यात पर 7.6 अरब डॉलर का असर पड़ेगा और 1.91 अरब डॉलर के जवाबी टैरिफ का संग्रह किया जा सकता है।

अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर समान टैरिफ लगाया जाएगा

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका में उत्पादित वस्तुओं पर समान मूल्य के जवाबी टैरिफ लगाए जाएंगे, जिससे व्यापार में संतुलन बनाया जा सके।

परामर्श के बाद लिया गया निर्णय

भारत ने पहले अप्रैल 2025 में अमेरिका के इस निर्णय पर आपत्ति जताते हुए WTO के सुरक्षा समझौते के तहत परामर्श मांगा था। परंतु संतोषजनक समाधान न मिलने पर अब यह कदम उठाया गया है।

अमेरिका ने 2018 में लगाया था टैरिफ

अमेरिका ने 8 मार्च 2018 को स्टील और एल्युमीनियम उत्पादों पर क्रमशः 25% और 10% शुल्क लगाकर इन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के अंतर्गत लाया था। यह 23 मार्च 2018 से लागू हुआ और जनवरी 2020 में इसे बढ़ाया गया।

फिर हुआ संशोधन

अमेरिका ने 10 फरवरी 2025 को एक बार फिर इन सुरक्षा उपायों में संशोधन किया, जो 12 मार्च 2025 से लागू हुआ है। अब अमेरिका ने स्थायी रूप से 25% टैरिफ लागू कर दिया है।

भारत की सख्त प्रतिक्रिया

भारत का यह कदम दर्शाता है कि वह वैश्विक मंच पर अपने व्यापारिक हितों की रक्षा करने के लिए तैयार है और WTO के नियमों के तहत उचित प्रतिक्रिया देने में संकोच नहीं करेगा।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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