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India Korea Trade : $50 अरब कारोबार लक्ष्य, AI-सेमीकंडक्टर में गठजोड़ का ऐलान

भारत और दक्षिण कोरिया ने आपसी कारोबार को 50 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इसका ऐलान सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और द. कोरिया के राष्ट्रपति प्रेसिडेंट ली के संयुक्त वक्तव्य में किया गया।

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भारत कोरिया के बीच बढ़ेगा ट्रेड

India Korea Trade: भारत और दक्षिण कोरिया ने द्विपक्षीय कारोबार को 50 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इसका ऐलान सोमवार 20 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली की बैठक के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में किया गया है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच टेक और इनोवेशन के फ्लो को बढ़ाने के लिए korea smes india की योजना बनाने का ऐलान किया गया है। किसी भी दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ने 8 साल बाद भारत का दौरान किया है। इसे लेकर प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि अब यह संबंध केवल ट्रेड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि टेक्नोलॉजी, सप्लाई चेन और स्ट्रैटेजिक सेक्टर तक विस्तार करेगा।

संयुक्त प्रेस वक्तव्य के मुताबिक 2030 तक दोनों देश व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाना चाहते हैं। इसके अलावा AI और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में गहरी साझेदारी और इंडो-पैसिफिक में रणनीतिक सहयोग को लेकर बड़े फैसले किए गए हैं। PMO की तरफ से जारी स्टेटमेंट के मुताबिक

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और कोरिया के बीच ट्रेड पहले ही 27 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है और अब इसे 2030 तक 50 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए दोनों देशों ने फाइनेंशियल फ्लो आसान बनाने, इंडस्ट्री सहयोग बढ़ाने और सप्लाई चेन को मजबूत करने जैसे कई अहम कदम उठाए हैं।

टेक्नोलॉजी फ्रंट पर यह साझेदारी और भी निर्णायक दिख रही है। AI, सेमीकंडक्टर और IT सेक्टर में सहयोग बढ़ाने के लिए “इंडिया-कोरिया डिजिटल ब्रिज” लॉन्च किया गया है। इसके साथ ही शिपबिल्डिंग, स्टील, पोर्ट्स और सस्टेनेबिलिटी जैसे सेक्टर में कई MoU साइन हुए हैं, जो आने वाले दशक की इंडस्ट्रियल ग्रोथ का आधार बनेंगे।

कोरिया की कंपनियों, खासकर MSME सेक्टर के लिए भारत में एंट्री आसान बनाने पर भी जोर दिया गया है। इसके तहत कोरियन इंडस्ट्रियल टाउनशिप स्थापित करने और ट्रेड एग्रीमेंट को अपग्रेड करने का फैसला लिया गया है। यह कदम मैन्युफैक्चरिंग और निवेश को तेज कर सकता है।

सांस्कृतिक स्तर पर भी दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती मिल रही है। K-pop और K-drama की भारत में बढ़ती लोकप्रियता और कोरिया में भारतीय सिनेमा की पहचान इस कनेक्शन को और मजबूत बना रही है। 2028 में भारत-कोरिया फ्रेंडशिप फेस्टिवल आयोजित करने का ऐलान इसी दिशा में बड़ा कदम है।

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दोनों देशों का साझा दृष्टिकोण भी इस साझेदारी की बड़ी ताकत है। कोरिया का इंटरनेशनल सोलर अलायंस और इंडो-पैसिफिक ओशियंस इनिशिएटिव से जुड़ना, ग्लोबल स्थिरता और क्लाइमेट एजेंडा में सहयोग को और गहरा करेगा। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि वैश्विक तनाव के इस दौर में भारत और कोरिया शांति, स्थिरता और नियम आधारित व्यवस्था के पक्षधर हैं। साथ ही, दोनों देशों ने ग्लोबल संस्थानों में सुधार की जरूरत पर भी सहमति जताई है।

अंत में प्रधानमंत्री ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के “लैम्प ऑफ द ईस्ट” संदर्भ का जिक्र करते हुए कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में कोरिया एक अहम साझेदार साबित होगा।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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