Global Business Summit 2025: ET नाउ द्वारा नई दिल्ली में ग्लोबल बिजनेस समिट के 9वें एडिशन का आयोजन किया गया। इस वर्ष के ग्लोबल बिजनेस समिट का विषय, "Evolve, Emerge, Expand" है, जो अगले दशक को आकार देने के लिए योग्य अंतर्दृष्टि, प्रभावशाली साझेदारी और परिवर्तनकारी विचारों का वादा करता है। यह एशिया का सबसे बड़ा बिजनेस शिखर सम्मेलन है। ग्लोबल बिजनेस समिट के 9वें एडिशन के दौरान केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और देश के युवाओं के सामर्थ्य के बारे में अपने विचार प्रकट किये।
देश के लिए इंडस्ट्री जरूरी
केंद्रीय श्रम मंत्री ने जाने-माने विद्वान चाणक्य और अर्थव्यवस्था पर उनके विचार का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा ‘चाणक्य का मानना था कि किसी राज्य को समृद्ध बनना है तो महाजनों को राजाश्रय देना चाहिए। आज के समय में यदि देश को विकसित बनाना है तो इंडस्ट्री और व्यापार को मजबूत करना आवश्यक है।’ इसके साथ ही उन्होंने स्किल्स के महत्त्व के बारे में भी बात की और कहा कि स्किल को प्रोत्साहित करने से ही रोजगार के बेहतर अवसर पैदा होंगे और इसीलिए स्किल को प्रोत्साहित करना बेहद आवश्यक है।
‘भारत के मैनपावर भी ब्रेनपावर भी’
ग्लोबल बिजनेस समिट के 9वें एडिशन में अपने संबोधन के दौरान मनसुख मांडविया ने देश के युवाओं और उनके सामर्थ्य के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा ‘देश में ब्रेन पावर भी है और मैन पावर भी है। इन्हें समय और विश्वास दिया जाना जरूरी है। PM मोदी की सरकार ने देश के युवाओं को मौका दिया।’ मोदी सरकार की उपलब्धियों के बारे में बात करते हुए मनसुख मांडविया ने बताया कि देश में 1 दशक पहले केवल 4 यूनिकॉर्न थे और आज 118 यूनिकॉर्न हो चुके हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि देश को आगे बढाने के लिए कॉम्प्रेहेंसिव तरीके से विचार करना जरूरी है।
