Oyo IPO 2026: ग्लोबल ट्रैवल-टेक यूनिकॉर्न OYO एक बार फिर शेयर बाजार में उतरने की तैयारी में है। ET Now की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी की पैरेंट इकाई Prism ने भारतीय बाजार नियामक SEBI के पास ₹6,650 करोड़ के प्रस्तावित आईपीओ के लिए कॉन्फिडेंशियल रूट के जरिए प्री-फाइल्ड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल कर दिया है। इस डेवलपमेंट से जुड़े लोगों का कहना है कि यह फाइलिंग सीधे मेनबोर्ड लिस्टिंग की दिशा में उठाया गया कदम है। कंपनी इसे 2026 में लॉन्च करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
$7–8 अरब वैल्यूएशन पर नजर
रिपोर्ट के मुताबिक इस पब्लिक इश्यू में OYO का संभावित वैल्यूएशन करीब 7 से 8 अरब डॉलर के दायरे में आंकी जा रहा है। कंपनी मौजूदा रेवेन्यू ग्रोथ, बेहतर कैश फ्लो और पॉजिटिव EBITDA को देखते हुए इस बार ज्यादा संतुलित वैल्यूएशन के साथ बाजार में उतरना चाहती है। हालांकि, OYO या Prism की ओर से इस वैल्यूएशन पर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
क्यों चुना गया कॉन्फिडेंशियल रूट?
Prism ने OYO IPO के लिए कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग का रास्ता चुना है। इसे मौजूदा बाजार हालात में रणनीतिक कदम माना जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत कंपनी पहले रेगुलेटर को दस्तावेज सौंपती है और उन्हें सार्वजनिक बाद में किया जाता है। इससे बाजार की वोलैटिलिटी के बीच अनावश्यक चर्चा और दबाव से बचा जा सकता है और निवेशकों की रुचि को परखने के लिए ज्यादा लचीलापन मिलता है।
EGM में पहले ही मिल चुकी है मंजूरी
यह फाइलिंग 20 दिसंबर 2025 को हुई एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) के बाद सामने आई है। इस बैठक में Prism के शेयरहोल्डर्स ने ₹6,650 करोड़ तक के फ्रेश इक्विटी इश्यू को मंजूरी दे दी थी। कंपनी ने साफ किया था कि OYO IPO Final Size और टाइमिंग रेगुलेटरी अप्रूवल और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगी।
2021 और 2023 में क्यों टल गया?
OYO इससे पहले भी दो बार पब्लिक मार्केट में उतरने की कोशिश कर चुकी है। साल 2021 में कंपनी ने ₹8,430 करोड़ के IPO की योजना बनाई थी और उस वक्त टारगेट वैल्यूएशन करीब 12 अरब डॉलर रखा गया था। इसके बाद 2023 में अपडेटेड फाइनेंशियल्स के साथ दोबारा फाइलिंग हुई, लेकिन वैश्विक बाजारों में बढ़ी अस्थिरता और निवेशकों के बदले सेंटिमेंट के चलते दोनों ही प्लान टाल दिए गए।
फाइनेंशियल रिकवरी ने बढ़ाया भरोसा
बीते कुछ वर्षों में OYO Financials Condition में साफ सुधार दिखा है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 16 प्रतिशत बढ़कर ₹6,253 करोड़ पहुंच गया। वहीं, एक्सेप्शनल आइटम्स के बाद नेट प्रॉफिट 6.6 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹245 करोड़ रहा। यह सुधार निवेशकों के भरोसे को दोबारा मजबूत करता दिख रहा है।
Moody’s की रेटिंग और EBITDA आउटलुक
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी Moody’s ने Prism की B2 कॉरपोरेट फैमिली रेटिंग को 'Stable Outlook' के साथ बरकरार रखा है। एजेंसी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का EBITDA दोगुने से ज्यादा बढ़कर करीब 280 मिलियन डॉलर यानी लगभग ₹2,496 करोड़ तक पहुंच सकता है। इसमें G6 Hospitality के अधिग्रहण, प्रीमियम सेगमेंट में विस्तार और लगातार कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन की अहम भूमिका मानी जा रही है।
प्रमोटर और शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर
OYO की स्थापना साल 2012 में Ritesh Agarwal ने की थी, जो फिलहाल Prism के ग्रुप सीईओ हैं। कंपनी के शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर में जापानी निवेश दिग्गज SoftBank अब भी बड़े निवेशकों में शामिल है, जिसे लॉन्ग टर्म सपोर्ट के तौर पर देखा जाता है।
बाजार से मिल रहा सपोर्ट
OYO की यह फाइलिंग ऐसे समय आई है, जब भारतीय प्राइमरी मार्केट में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है। साल 2025 में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा IPO बाजार रहा, जहां 352 डील्स के जरिए करीब 21.6 अरब डॉलर जुटाए गए। हाल ही में क्विक-कॉमर्स स्टार्टअप Zepto की कान्फिडेंशियल फाइलिंग ने भी संकेत दिया है कि बड़े स्टार्टअप फिलहाल इसी रास्ते को प्राथमिकता दे रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत
कुल मिलाकर, OYO का संभावित IPO 2026 में टेक और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की सबसे बड़ी लिस्टिंग्स में से एक साबित हो सकता है। मजबूत फाइनेंशियल रिकवरी, पॉजिटिव EBITDA और बेहतर बाजार माहौल के बीच Prism की यह गोपनीय फाइलिंग निवेशकों के लिए एक अहम संकेत मानी जा रही है।
