ICICI Prudential Gets GST Notice: वस्तु एवं सेवा कर (GST) रेवेन्यू में लीकेज (गड़बड़ी) को रोकने के लिए काम करने वाली एक केंद्रीय एजेंसी ने 30 बीमा कंपनियों में से कम से कम छह के खिलाफ अपनी जांच पूरी कर ली है। ये जांच इन कंपनियों के अपने एजेंटों को कमीशन भुगतान के मामले गड़बड़ी से संबंधित है। इस मामले में इन कंपनियों को शो-कॉज नोटिस भेजा जाएगा। इन्हीं में से आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस (ICICI Prudential Life Insurance) को जीएसटी की देनदारी के मामले में 492 करोड़ रु का नोटिस भेजा गया है।
क्यों भेजा गया आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल को नोटिस
ईटी की रिपोर्ट के अनुसार जिन कंपनियों को इस तरह के नोटिस मिले हैं, उनमें आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस भी है, जिस पर लगभग 492 करोड़ रु की जीएसटी देनदारी बाकी है।
सीजीएसटी अधिनियम की धारा 74, जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय (डीजीजीआई) को उन मामलों में जांच पूरी होने पर नोटिस जारी करने की अनुमति देती है जहां गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ उठाया गया हो।
जीएसटी चोरी के कई मामले सामने आए
मुंबई और मेरठ की टीमों सहित डीजीजीआई की कई यूनिट्स ने 5,500 करोड़ रु से अधिक की संदिग्ध जीएसटी चोरी को लेकर कई बीमा कंपनियों की जांच शुरू की है। स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में नोटिस में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ने कहा कि इसे डीजीजीआई से जुलाई 2017 से जुलाई 2022 के लिए 492 करोड़ रु का कारण बताओ-सह-मांग नोटिस (Show-Cause-Cum-Demand Notice) मिला है।
कंपनी ने कहा कि वह नोटिस का जवाब देने के लिए उचित कदम उठाएगी। कंपनी ने कहा कि उसने इस संबंध में कोई लायबिलिटी स्वीकार किए बिना 190 करोड़ रुपये जमा किए हैं।
एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस को भी मिला नोटिस
पिछले हफ्ते, एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को जुलाई 2017 से 31 मार्च, 2022 की अवधि के लिए 942.18 करोड़ रुपये की देनदारी पर जीएसटी अथॉरिटी से कारण बताओ-सह-मांग नोटिस मिला था। एचडीएफसी लाइफ के बाद, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल को भी इसी तरह का नोटिस मिला है।
