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Hyundai IPO: हुंदै का 14 अक्टूबर को आ सकता है IPO, होगा देश का सबसे बड़ा इश्यू

Hyundai IPO: हुंदै मोटर इंडिया ने भारत में 1996 में परिचालन शुरू किया था और वर्तमान में यह विभिन्न कैटेगरी में 13 मॉडल बेचती है।जापान की वाहन विनिर्माता मारुति सुजुकी के 2003 में लिस्ट होने के बाद दो दशक में पहली बार कोई वाहन विनिर्माता कंपनी आईपीओ ला रही है।

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हुंडई का कब आएगा IPO

Photo : Times Now Digital

Hyundai IPO:दक्षिण कोरिया की वाहन कंपनी हुंदै की भारतीय इकाई हुंदै मोटर इंडिया लिमिटेड का 25,000 करोड़ रुपये का बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 14 अक्टूबर को आ सकता है। यह भारत का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। अभी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की 21,000 करोड़ रुपये की शेयर बिक्री को सबसे बड़ा आईपीओ माना जाता है।हुंदै ने जून में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष आईपीओ की मंजूरी के लिए आवेदन किया था। उसे सेबी से आईपीओ लाने की मंजूरी 24 सितंबर को मिली थी।

हुंदै का क्या है प्लान

आईपीओ दस्तावेजों के अनुसार, यह निर्गम पूरी तरह से प्रवर्तक हुंदै मोटर कंपनी द्वारा 14,21,94,700 शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित है। इसमें कोई नए शेयर नहीं जारी किए जाएंगे।सूत्रों ने पहले बताया था कि दक्षिण कोरियाई वाहन विनिर्माता कंपनी आरंभिक शेयर बिक्री के जरिये कम से कम तीन अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 25,000 करोड़ रुपये) जुटाने की कोशिश कर रही है।हुंदै मोटर इंडिया ने भारत में 1996 में परिचालन शुरू किया था और वर्तमान में यह विभिन्न कैटेगरी में 13 मॉडल बेचती है।जापान की वाहन विनिर्माता मारुति सुजुकी के 2003 में सूचीबद्ध होने के बाद दो दशक में पहली बार कोई वाहन विनिर्माता कंपनी आईपीओ ला रही है।

सितंबर में घटी बिक्री

हुंदै मोटर इंडिया की सितंबर महीने में कुल बिक्री सालाना आधार पर 10 प्रतिशत घटकर 64,201 इकाई रह गई।वाहन विनिर्माता ने बयान में कहा कि कंपनी ने सितंबर 2023 में कुल 71,641 इकाइयां बेचीं।घरेलू स्तर पर थोक बिक्री सितंबर में छह प्रतिशत घटकर 51,101 इकाई रह गई, जबकि सितंबर 2023 में यह 54,241 इकाई थी।निर्यात सितंबर में 25 प्रतिशत घटकर 13,100 इकाई रह गया, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह 17,400 इकाई था।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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