विश्व बैंक ने खोला राज: कैसे बनेगा भारत 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की ताकत (तस्वीर-istock)
India 30 Trillion Dollars Economy : विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को 2047 तक 30,000 अरब (30 ट्रिलियन) डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए वित्तीय क्षेत्र में सुधारों को और तेज करने और निजी पूंजी (Private Capital) को बढ़ावा देने की जरुरत है। रिपोर्ट में माना गया है कि भारत का विश्व-स्तरीय डिजिटल सार्वजनिक ढांचा (Digital Public Infrastructure) और सरकारी योजनाएं पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच में बड़ी बढ़ोतरी लेकर आई हैं।
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक विश्व बैंक ने सुझाव दिया है कि लोगों को अपने बैंक खातों का उपयोग बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही व्यक्तियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए वित्तीय उत्पादों की विविधता और उपलब्धता आसान की जाए।
वित्तीय क्षेत्र आकलन कार्यक्रम (Financial Sector Assessment Program - FSAP), अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक (World Bank) का एक संयुक्त कार्यक्रम है। यह किसी देश के वित्तीय तंत्र की मजबूती, स्थिरता और सुधार की जरुरतों का गहन विश्लेषण करता है।
सितंबर 2010 से FSAP उन देशों के लिए अनिवार्य है जिनका वित्तीय क्षेत्र वैश्विक रूप से महत्वपूर्ण है। भारत समेत 32 देशों के लिए यह मूल्यांकन हर 5 साल में और अन्य 15 देशों के लिए हर 10 साल में किया जाता है।
भारत के लिए पिछला FSAP वर्ष 2017 में आयोजित किया गया था। इसके तहत आईएमएफ ने वित्तीय प्रणाली स्थिरता आकलन (FSSA) रिपोर्ट और विश्व बैंक ने वित्तीय क्षेत्र आकलन (FSA) रिपोर्ट प्रकाशित की थी।
वित्त मंत्रालय ने कहा कि भारत IMF-विश्व बैंक टीम द्वारा किए गए मूल्यांकन का स्वागत करता है। विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार 2017 के बाद भारत की वित्तीय प्रणाली और अधिक मजबूत, विविध और समावेशी हो गई है।
रिपोर्ट में कहा गया कि वित्तीय क्षेत्र में किए गए सुधारों ने भारत को 2010 के दशक के विभिन्न आर्थिक संकटों और कोविड-19 महामारी से उबरने में अहम भूमिका निभाई।
विश्व बैंक ने जोर देकर कहा है कि अगर भारत को 2047 तक 30,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनना है, तो वित्तीय सुधारों की रफ्तार बढ़ानी होगी और निजी पूंजी निवेश को और प्रोत्साहित करना होगा।