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8वें वेतन आयोग में कितनी बढ़ेगी सैलरी? DA में बढ़ोतरी के आधार पर फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग

केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं। नए वेतन आयोग लागू होने से कर्मचारियों की सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।

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8वां वेतन आयोग

हर गुजरते दिन के साथ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की बेचैनी 8वें वेतन आयोग को लेकर बढ़ती जा रही है। नए वेतन आयोग लागू करने की दिशा में लगातार बैठकों का दौर जारी है। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले तीन सदस्यीय 8वें वेतन आयोग की अगली बैठक 22 और 23 अक्टूबर को मुंबई में होगी। 3 नवंबर 2025 को आयोग के गठन के बाद से पिछले करीब 11 महीनों में समिति दिल्ली, लद्दाख, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी समेत देश के विभिन्न हिस्सों में कई अहम बैठकें कर चुकी है। इन बैठकों में कर्मचारी यूनियनों और विभिन्न संगठनों ने महंगाई के कारण बढ़ते बोझ का मुद्दा उठाया है। उन्होंने आयोग से आग्रह किया है कि वेतन और पेंशन में संशोधन की सिफारिशें तैयार करते समय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के जीवन-स्तर तथा बढ़ती लागत को ध्यान में रखा जाए।

महंगाई भत्ते (DA) में हुई बढ़ोतरी भी इस मांग को अहम बनाती है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, DA जुलाई 2023 में 46% से बढ़कर जनवरी 2026 में 60% हो गया। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि महंगाई के असर को देखते हुए अगले वेतन संशोधन में मौजूदा वेतन और पेंशन की समीक्षा जरूरी है। इसी के साथ कर्मचारी यूनियनें अधिक फिटमेंट फैक्टर लागू करने और मौजूदा महंगाई भत्ता व्यवस्था में बदलाव की मांग भी उठा रही हैं। अब सवाल यह है कि DA में लगातार हुई बढ़ोतरी का फिटमेंट फैक्टर से जुड़ी मांगों पर क्या असर पड़ सकता है? आइए जानते हैं।

नए वेतन आयोग को DA कैसे प्रभावित कर रहा?

कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स (CCGEW) के अनुसार, DA जुलाई 2023 में 46% से बढ़कर जनवरी 2024 में 50%, जुलाई 2024 में 53%, जनवरी 2025 में 55%, जुलाई 2025 में 58% और जनवरी 2026 में 60% हो गया। ये आंकड़े महंगाई के असर को दिखाते हैं। यूनियनों ने 8वें वेतन आयोग के पैनल से DA मर्जर और समय-समय पर वेतन संशोधन पर ध्यान देने का भी आग्रह किया है, ताकि इसी मुद्दे को थोड़े अलग तरीके से हल किया जा सके।

फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन्स (FNPO) ने एक स्थायी वेतन समीक्षा निकाय का प्रस्ताव दिया है। यह निकाय तब संशोधित फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश करेगा जब DA या महंगाई राहत (DR) 50% तक पहुंच जाए। यह भी सुझाव दिया गया है कि जब DA/DR 25% से अधिक हो जाए, तो उसे बेसिक पे में मिला दिया जाए।

8वें वेतन आयोग में ऊंचे फिटमेंट फैक्टर की मांग

देश में बढ़ती महंगाई को देखते हुए नए वेतन आयोग से कर्मचारी संगठनों ने ऊंचे फिटमेंट फैक्टर देने की मांग की है। बता दें कि फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर है जिसे नए वेतन ढांचे के तहत संशोधित बेसिक पे तय करने के लिए मौजूदा बेसिक पे पर लागू किया जाता है। 7वें वेतन आयोग ने 2.57 के फैक्टर की सिफारिश की थी, और 6ठे वेतन आयोग ने 1.86 का फिटमेंट फैक्टर अपनाया था। इस बार, कई कर्मचारी यूनियनों ने 8वें वेतन आयोग के लिए ऊंचे आंकड़ों का प्रस्ताव दिया है।

उदाहरण के लिए, नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के कर्मचारी पक्ष ने 3.833 का फिटमेंट फैक्टर और ₹69,000 का न्यूनतम बेसिक पे (मूल वेतन) मांगा है। वहीं दूसरी ओर, भारत पेंशनर्स समाज ने भी 3.83 का फैक्टर प्रस्तावित किया है, जबकि सर्वे ऑफ इंडिया के मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन ने 3.61 का फैक्टर मांगा है। ये मांगें बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए बदलाव लाने की यूनियनों की साझा इच्छा को दिखाती हैं।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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