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80 हजार रुपये की सैलरी पर 10 साल में कितनी मिलेगी ग्रेच्युटी? समझें पूरा हिसाब

नौकरी करने वाले व्यक्ति की रिटायरमेंट सेविंग्स में ग्रेच्युटी एक बड़ी रकम को जोड़ सकती है। ऐसे में 80 हजार रुपये सैलरी पाने वाले व्यक्ति को 10 साल के बाद नौकरी छोड़ने पर कितनी रकम मिलेगी यह समझना जरूरी है।

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80 हजार की सैलरी में कितनी मिलेगी ग्रेच्युटी (Photo: iStock)

Gratuity Calculation: नौकरीपेशा लोगों के लिए ग्रेच्युटी (Gratuity) रिटायरमेंट (Retirement) या नौकरी छोड़ने के समय मिलने वाली एक जरूरी और खास रकम है। यह राशि कर्मचारी की नौकरी की अवधि और उसकी आखिरी सैलरी के आधार पर तय होती है। अगर किसी कर्मचारी की आखिरी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता (DA) मिलाकर 80 हजार रुपये महीने है तो 10 साल की पात्र सेवा पूरी करने पर उसे 4 लाख रुपये से ज्यादा रकम की ग्रेच्युटी मिल सकती है। हालांकि, वास्तविक रकम पात्रता और लागू नियमों पर निर्भर करेगी।

ग्रेच्युटी पाने के लिए क्या है पात्रता?

सामान्य तौर पर नियमित कर्मचारियों को ग्रेच्युटी पाने के लिए एक ही नियोक्ता के यहां लगातार पांच साल की सेवा पूरी करनी होती है। हालांकि, कर्मचारी की मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में पांच साल की सेवा की शर्त लागू नहीं होती। वहीं, निश्चित अवधि के अनुबंध यानी फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए अलग प्रावधान हैं।

21 नवंबर 2025 से लागू श्रम संहिताओं के तहत पात्र फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को एक साल की सेवा पूरी करने पर आनुपातिक ग्रेच्युटी मिल सकती है। यह सुविधा सभी प्रकार के कर्मचारियों पर समान रूप से लागू नहीं होती, इसलिए रोजगार की कैटेगरी और संबंधित नियमों को समझना जरूरी है।

कैसे होती है ग्रेच्युटी की गणना?

ग्रेच्युटी की गणना के लिए एक निर्धारित फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाता है। इसके तहत आखिरी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते को 15 से गुणा कर, कुल सेवा वर्षों से गुणा किया जाता है। इसके बाद प्राप्त रकम को 26 से भाग दिया जाता है।

ग्रेच्युटी का फॉर्मूला:

ग्रेच्युटी = (आखिरी बेसिक सैलरी + DA) × 15 × सेवा के वर्ष ÷ 26

इसमें 15 का मतलब हर पात्र सेवा वर्ष के लिए 15 दिनों की सैलरी और 26 का मतलब महीने में 26 कार्य दिवस है।

80 हजार रुपये की सैलरी पर कितना मिलेगा पैसा?

मान लीजिए किसी कर्मचारी की आखिरी बेसिक सैलरी और DA मिलाकर 80,000 रुपये प्रति माह है और उसने 10 साल की पात्र सेवा पूरी कर ली है। ऐसे में कैलकुलेशन कुछ ऐसी होगी-

ग्रेच्युटी = (80,000 × 15 × 10) ÷ 26

इस हिसाब से कर्मचारी को लगभग 4,61,538 रुपये यानी 4.61 लाख रुपये ग्रेच्युटी मिल सकती है। यह अनुमान निर्धारित फॉर्मूले पर आधारित है।

भुगतान और टैक्स से जुड़े नियम

नियमों के अनुसार, नियोक्ता को ग्रेच्युटी देय होने के 30 दिनों के भीतर इसका भुगतान करना होता है। देरी होने पर लागू प्रावधानों के अनुसार ब्याज भी देना पड़ सकता है। निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की टैक्स छूट निर्धारित सीमा और लागू नियमों पर निर्भर करती है। इसलिए नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट से पहले अपनी पात्रता, वेतन के घटकों और टैक्स नियमों की जांच जरूर करें।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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