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Health Sutra Start-Up: IIT ग्रेजुएट ने छोड़ी जॉब और बन गया 'मिलेट कारोबारी', हर साल हो रही 2.5 करोड़ की कमाई

Health Sutra Start-Up: हेल्थ सूत्र के फाउंडर हैं साई कृष्णा पोपुरी। साई ने आईआईटी से पढ़ाई की है। उसके बाद वे एक अच्छी जगह नौकरी भी कर रहे थे। मगर नौकरी के दौरान वे वेंचरशिप में एंट्री करना चाहते थे।

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हेल्थ सूत्र स्टार्ट-अप

KEY HIGHLIGHTS
  • हेल्थ सूत्र के फाउंडर हैं साई कृष्णा पोपुरी
  • मिलेट के कई प्रोडक्ट पेश करता है हेल्थ सूत्र
  • आईआईटी पास आउट हैं साई कृष्णा पोपुरी

Health Sutra Start-Up: बीते कुछ सालों में भारत में अपना बिजनेस करने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बहुत से ऐसे लोग हैं, जिन्होंने अलग-अलग सेक्टरों में सेवाओं और प्रोडक्ट के जरिए अच्छी कमाई करना भी शुरू कर दिया है। इनमें कई फिटनेस स्टार्टअप भी हैं, जो लोगों की हेल्थ पर फोकस करते हैं। ऐसा ही एक स्टार्टअप है हेल्थ सूत्र (Health Sutra), जिसके फाउंडर हैं साई कृष्णा पोपुरी। साई ने आईआईटी से पढ़ाई की है। उसके बाद वे एक अच्छी जगह नौकरी भी कर रहे थे। मगर नौकरी के दौरान वे वेंचरशिप में एंट्री करना चाहते थे। वे हमेशा एक एंटरप्रेन्योर बनने का सपना देखते थे। उन्हें इंतजार तो केवल एक सही आइडिया का।

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मिलेट से मिला बिजनेस आइडिया

द बेटर इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार साई के मुताबिक तेज रफ्तार दुनिया में अधिकतर लोग रेडी-टू-ईट खाना चाहते हैं। बाजार में मिलेट (मोटा अनाज) विकल्पों के बहुत अधिक ऑप्शन उपलब्ध नहीं हैं। इस जरूरत को समझते हुए साई ने अपना खुद का मिलेट स्टार्टअप शुरू किया।

प्रोडक्ट और कमाई

साई का स्टार्टअप मिलेट प्रोडक्ट की एक बड़ी रेंज पेश करता है। ज्वार के फ्लेक्स से लेकर बाजरा मूसली और बाजरा इडली रवा प्री-मिक्स तक, हेल्थ सूत्र का लक्ष्य इस सुपरफूड को लोगों के दैनिक आहार में शामिल करना है। हजारों प्रोडक्ट की बिक्री के साथ साई के स्टार्टअप का रेवेन्यू 2.5 करोड़ रुपये तक रहता है।

कॉलेज में देखा था बिजनेस करने का सपना

साई के अनुसार जब वह कॉलेज में थे, तब वह अपना खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते थे और उनके पास कुछ आइडिया भी थे। उनके पास आइडिया तो बहुत सारे थे, मगर वे कुछ ऐसा करना चाहते थे जो अलग हो और जिससे समाज को भी फायदा हो।

कैसे मिला आइडिया

साई की रुचि फूड स्टार्टअप में थी। हेल्थ सूत्र से पहले वे हैदराबाद में एक इंडो-चाइनीज़ स्टार्टअप पर काम कर रहे थे। उसी समय, उनके पिता को डायबिटीज का पता चला। डॉक्टर ने उनके आहार में गेहूं, जई या क्विनोआ जैसे ऑप्शनों की सिफारिश की।

यहीं से उन्हें आइडिया मिला और 2013 में उन्होंने रिसर्च शुरू की। फिर 2014 में अपना पहला प्रोडक्ट पेश किया। अब उनका स्टार्टअप हर साल करोड़ों कमा रहा है। आगे उनकी और विस्तार की योजना है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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