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HDFC Bank Interest Rate: HDFC Bank ने सस्ता किया Loan, घटाई MCLR, जानें कितनी कम होगी EMI

HDFC Bank Interest Rate: एचडीएफसी बैंक ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) में कटौती की है, जिसका फायदा उन उधारकर्ताओं को मिलेगा जिनके लोन इस बेंचमार्क से जुड़े हैं। बैंक ने कुछ लोन अवधियों पर एमसीएलआर में 15 बेसिस पॉइंट्स (बीपीएस या 0.15 फीसदी) तक की कटौती की है।

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HDFC Bank ने सस्ता किया Loan

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • HDFC Bank ने Loan किया सस्ता
  • MCLR में कर दी कटौती
  • कम होगी EMI

HDFC Bank Interest Rate: एचडीएफसी बैंक ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स-बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) में कटौती की है, जिसका फायदा उन उधारकर्ताओं को मिलेगा जिनके लोन इस बेंचमार्क से जुड़े हैं। बैंक ने कुछ लोन अवधियों पर एमसीएलआर में 15 बेसिस पॉइंट्स (बीपीएस या 0.15 फीसदी) तक की कटौती की है। इसके बाद, एचडीएफसी बैंक की एमसीएलआर अब लोन अवधि के आधार पर 9.00% से 9.20% तक होगी। यह अप्रैल 2025 की 9.10% से 9.35% की पिछली सीमा से कम है। नई MCLR दरें 7 मई, 2025 से लागू हो गई हैं।

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इस कितनी घटी रेपो रेट

HDFC बैंक ने यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा अप्रैल में रेपो दर में 25 बीपीएस की कटौती के बाद उठाया है। इससे पहले फरवरी 2025 में भी आरबीआई ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की थी। इससे इस साल कुल रेपो रेट कटौती 50 बीपीएस हो गई है।

क्या होती है रेपो रेट

रेपो रेट वह दर होती है जिस पर RBI कमर्शियल बैंकों को पैसा उधार देता है, और इस दर में कमी से आम तौर पर बैंकिंग सेक्टर में उधार लेने की लागत कम हो जाती है। नतीजतन, HDFC बैंक समेत कई बैंकों ने उधार दरों को कम करके ग्राहकों को सस्ते लोन का लाभ देना शुरू कर दिया है।

ये हैं HDFC Bank की नयी रेट्स

  • एचडीएफसी बैंक ने ओवरनाइट और एक महीने की MCLR को 10 बीपीएस घटाकर 9.10% से 9% कर दिया है
  • तीन महीने की MCLR को 9.20% से घटाकर 9.05% कर दी गयी है
  • छह महीने की MCLR को 9.30% से घटाकर 9.10% कर दिया गया है
  • एक साल की MCLR दरों को 9.30% से घटाकर 9.15% कर दिया गया है
  • दो साल की एमसीएलआर को 10 बीपीएस घटाकर 9.30% से 9.20% कर दिया गया है
  • तीन साल की एमसीएलआर को 9.35% से घटाकर 9.20% कर दिया गया है

क्या होती है एमसीएलआर

MCLR एक बेंचमार्क रेट है जिसका उपयोग बैंक विभिन्न फ्लोटिंग रेट लोन (जिनमें होम लोन, पर्सनल लोन और ऑटो लोन शामिल हैं) पर ब्याज दरें निर्धारित करने के लिए करते हैं। MCLR में कमी का मतलब है लोन EMI में संभावित कमी या लोन अवधि में कमी, जिससे उधारकर्ताओं को फायदा होता है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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