Govt Tax Revenue: सरकार ने मजबूत आर्थिक गतिविधियों और बेहतर अनुपालन (नियमों का पालन) की मदद से वित्त वर्ष 2023-24 में 34.37 लाख करोड़ रुपये से अधिक टैक्स कलेक्शन के लक्ष्य को काफी हद तक हासिल कर लिया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारी के अनुसार वित्त वर्ष 2023-24 के लिए टैक्स रेवेन्यू का कुल टार्गेट हासिल कर लिया गया है। सरकार ने अप्रैल 2023-मार्च 2024 के लिए संशोधित बजट अनुमान में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का टार्गेट बढ़ाकर 19.45 लाख करोड़ रुपये कर दिया था, जबकि इनडायरेक्ट टैक्स (जीएसटी, कस्टम ड्यूटी और एक्साइज ड्यूटी) के लिए अनुमान को घटा कर 14.84 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया था।
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कितना रहा डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन
इस दौरान डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन करीब 19 लाख करोड़ रु पर पहुंच गया है। 17 मार्च तक नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन (कॉरपोरेट टैक्स और इंडिविजुअल इनकम टैक्स मिलाकर) 18.90 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया था।
जीएसटी कलेक्शन कितना रहा
पिछले वित्त वर्ष में जीएसटी टैक्स कलेक्श का भी अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा दर्ज किया गया। यह अप्रैल 2023 में 1.87 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया, जबकि मार्च 2024 में 1.78 लाख करोड़ रुपये का दूसरा सबसे बड़ा कलेक्शन रहा।
कितना था ग्रॉस टैक्स कलेक्शन का टार्गेट
संशोधित अनुमानों में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 34.37 लाख करोड़ रुपये का ग्रॉस टैक्स कलेक्शन लक्ष्य रखा गया था। टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी आर्थिक गतिविधियों में तेजी को दर्शाती है। एनएसओ के मुताबिक भारत की वृद्धि दर 2023-24 में 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सर्वाधिक होगी।
