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बुजुर्गों की बल्ले-बल्ले, बुढ़ापे में मिलेगी ₹20,000 मंथली इनकम, जानिए कैसे

रिटायरमेंट के बाद आर्थिक आजादी और हर महीने एक फिक्स्ड इनकम हर बुजुर्ग का सपना होता है। अब सरकार की एक खास स्कीम के जरिए सीनियर सिटीजंस बिना किसी जोखिम के ₹20,000 प्रति माह तक की कमाई कर सकते हैं। यह योजना न केवल बैंक एफडी (FD) से ज्यादा ब्याज देती है, बल्कि इसमें आपका पैसा 100% सुरक्षित भी रहता है।

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Retirement Fund

रिटायरमेंट के बाद हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी जमा पूंजी सुरक्षित रहे और उसे हर महीने एक निश्चित आय मिलती रहे ताकि वह किसी पर बोझ न बने। अगर आप भी अपने या अपने परिवार के बुजुर्गों के लिए एक सुरक्षित और ज्यादा ब्याज देने वाली सरकारी योजना की तलाश में हैं, तो सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। सरकार की इस योजना में निवेश करने पर न केवल आपको बैंक एफडी (FD) से ज्यादा ब्याज मिलता है, बल्कि आपके पैसे की शत-प्रतिशत गारंटी भी सरकार की होती है। हालिया बदलावों के बाद अब इस स्कीम के जरिए बुजुर्ग हर महीने ₹20,000 तक की कमाई आसानी से कर सकते हैं।

क्या है सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS)?

यह केंद्र सरकार द्वारा बुजुर्गों के लिए चलाई जाने वाली एक विशेष बचत योजना है। इसमें 60 वर्ष या उससे अधिक आयु का कोई भी भारतीय नागरिक निवेश कर सकता है। अगर किसी ने वीआरएस (VRS) लिया है, तो वह 55 वर्ष की आयु में भी कुछ शर्तों के साथ इसमें खाता खुलवा सकता है। इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत इसकी ब्याज दर है, जो समय-समय पर सरकार द्वारा संशोधित की जाती है और वर्तमान में यह निवेश के अन्य सुरक्षित विकल्पों के मुकाबले काफी आकर्षक बनी हुई है।

₹20,000 मंथली इनकम का क्या है फॉर्मूला?

सरकार ने बजट में SCSS की अधिकतम निवेश सीमा को ₹15 लाख से बढ़ाकर ₹30 लाख कर दिया है। यही वह बदलाव है जिसने बुजुर्गों की चांदी कर दी है। मान लीजिए कि मौजूदा ब्याज दर 8.2% सालाना है। अगर कोई सीनियर सिटीजन इस स्कीम में अधिकतम ₹30 लाख का निवेश करता है, तो उसे साल भर में लगभग ₹2,46,000 का ब्याज मिलता है। अगर हम इस सालाना ब्याज को 12 महीनों में बांटें, तो यह करीब ₹20,500 प्रति माह बैठता है। हालांकि, इस स्कीम में ब्याज का भुगतान हर तीन महीने (Quarterly) में किया जाता है, जिससे हर तिमाही आपके खाते में लगभग ₹61,500 जमा हो जाते हैं।

टैक्स बेनिफिट और सुरक्षा

SCSS केवल अच्छी कमाई ही नहीं, बल्कि टैक्स बचाने का भी शानदार जरिया है। इस योजना में निवेश की गई राशि पर इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट मिलती है। इसके अलावा, यह एक सरकारी स्कीम है, इसलिए इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई खतरा नहीं होता। आपका मूल धन (Principal Amount) पूरी तरह सुरक्षित रहता है और आपको तय समय पर ब्याज मिलता रहता है। यह योजना 5 साल के लिए होती है, जिसे मैच्योरिटी के बाद और 3 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है।

खाता कैसे खोलें?

SCSS खाता खोलना बेहद आसान है। आप अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस (Post Office) या किसी भी सरकारी या अधिकृत निजी बैंक में जाकर यह खाता खुलवा सकते हैं। इसके लिए आपको आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट साइज फोटो के साथ एक फॉर्म भरना होगा। आप चाहें तो अपनी पत्नी या पति के साथ मिलकर जॉइंट अकाउंट भी खोल सकते हैं, जिससे निवेश की सुरक्षा और प्रबंधन और भी आसान हो जाता है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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