Future Retail To Liquidate: फ्यूचर रिटेल (Future Retail), जो कभी किशोर बियानी (Kishore Biyani) के नेतृत्व वाले फ्यूचर ग्रुप (Future Group) की प्रमुख कंपनी थी, अब बिक्री की ओर बढ़ रही है। इसके कर्जदाताओं को कर्ज में डूबी कंपनी के लिए कोई उचित खरीदार नहीं मिल सका।
कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) को पूरा करने की समय सीमा में चार बार विस्तार के बाद स्पेस मंत्रा (Space Mantra) द्वारा पेश की गई एकमात्र समाधान योजना को लेनदारों की समिति (सीओसी) ने खारिज कर दिया। कंपनी के रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (आरपी) ने अब फ्यूचर रिटेल की बिक्री या लिक्विडेशन के लिए एनसीएलटी (NCLT) से संपर्क किया है।
स्पेस मंत्रा की बोली नहीं हुई स्वीकार
पिछले महीने फ्यूचर रिटेल ने सूचित किया था कि इसके लिए स्पेस मंत्रा ने जो 550 करोड़ रुपये की बोली सीओसी की ई-वोटिंग प्रॉसेस में लगाई है, उसे लेनदारों से आवश्यक संख्या में वोट प्राप्त नहीं हुए। जिसके चलते उसकी बोली व्यर्थ गई।
कब शुरू हुई थी प्रॉसेस
एनसीएलटी ने सीआईआरपी को पूरा करने के लिए एफआरएल का समय चार बार बढ़ाया। अब आखिरी तारीख 30 सितंबर थी। उसके बाद समय सीमा में कोई विस्तार नहीं हुआ। ट्रिब्यूनल द्वारा एफआरएल के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही 20 जुलाई, 2022 को शुरू की गई थी।
क्या कहता है नियम
दिवाला और दिवालियापन संहिता (आईबीसी) के तहत 330 दिनों के अंदर सीआईआरपी को पूरा करना होता है। इसमें मुकदमेबाजी के दौरान लगने वाला समय भी शामिल है। संहिता की धारा 12 (1) के तहत, सीआईआरपी शुरू होने की तारीख से 180 दिनों की अवधि के भीतर पूरा किया जाएगा।
