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वीडियोकॉन के पूर्व चेयरमैन वेणुगोपाल धूत दिवालिया घोषित, SBI का है ₹12,668 करोड़ बकाया

यह मामला वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड (वीआईएल) से जुड़ा है जिसने एसबीआई और उसके पूर्व सहयोगी बैंकों से ऋण ली थीं।

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वेणुगोपाल धूत

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) की मुंबई पीठ ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की 12,668 करोड़ रुपये के बकाये के मामले में दायर याचिका स्वीकार कर ली और वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के पूर्व प्रवर्तक एवं निदेशक वेणुगोपाल नंदलाल धूत को दिवालिया घोषित कर दिया है। एनसीएलटी की मुंबई पीठ ने धूत के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया संचालित करने के लिए एक दिवाला न्यासी भी नियुक्त किया है। धूत ने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज की ओर से एसबीआई और उसके पूर्व सहयोगी बैंकों से ली गई ऋण सुविधाओं के लिए व्यक्तिगत गारंटी दी थी। इन सहयोगी बैंकों का बाद में एसबीआई में विलय हो गया था।

संपत्ति लेनदारों के बीच बांटी जाएगी

एनसीएलटी की दो सदस्यीय पीठ ने बृहस्पतिवार को पारित आदेश में कहा कि यहां व्यक्तिगत गारंटर वेणुगोपाल नंदलाल धूत को दिवालिया घोषित किया जाता है। एनसीएलटी ने दिवाला न्यासी को निर्देश दिया कि वह धूत के लेनदारों से दावे आमंत्रित करने के लिए सार्वजनिक सूचना जारी करे। उसने कहा कि दिवालिया (धूत) की संपत्ति उनके लेनदारों के बीच बांटी जाएगी। धूत को दिवाला कार्यवाही शुरू होने की तारीख से सात दिन के भीतर अपनी वित्तीय स्थिति का विवरण दिवाला न्यासी को सौंपने का निर्देश दिया गया है।

7 दिन में विवरण सौंपने का आदेश

आदेश में कहा गया कि दिवालिया (धूत) इस आदेश की तारीख यानी दिवाला प्रक्रिया शुरू होने की तारीख से सात दिन के भीतर निर्धारित प्रारूप में अपनी वित्तीय स्थिति का विवरण दिवाला न्यासी को सौंपेंगे।

पीठ ने कहा कि दिवाला न्यासी 90 दिन के भीतर न्यायाधिकरण और लेनदारों की समिति को प्रारंभिक रिपोर्ट भी सौंपेगा। इसके बाद उसे हर तिमाही में प्रगति रिपोर्ट देनी होगी। इस पीठ में न्यायिक सदस्य विनय गोयल और तकनीकी सदस्य चरणजीत सिंह गुलाटी शामिल थे।

एनसीएलटी ने अपने 12 पृष्ठों के आदेश में कहा कि धूत के खिलाफ दिवाला कार्यवाही तब तक जारी रहेगी, जब तक उन्हें संहिता की धारा 138 के तहत कर्ज से मुक्त नहीं कर दिया जाता।

यह मामला वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड (वीआईएल) से जुड़ा है जिसने एसबीआई और उसके पूर्व सहयोगी बैंकों- स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर तथा स्टेट बैंक ऑफ पटियाला से ऋण सुविधाएं ली थीं। इनमें से कुछ ऋण सुविधाएं वीडियोकॉन टेलीकम्युनिकेशंस लिमिटेड (वीटीएल) ने सह-देनदार के रूप में ली थीं।

हालांकि, कंपनी ऋण चुकाने में विफल रही। एसबीआई की याचिका के अनुसार, 30 सितंबर, 2026 तक ब्याज और जुर्माने सहित कुल बकाया राशि 12,668.06 करोड़ रुपये थी।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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