Federal Reserve Meeting:अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Federal Reserve ) ने एक बार फिर ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। बुधवार को उम्मीदों के अनुसार फेडरल रिजर्व ने प्रमुख ब्याज दरों को 5.2% से 5.5% पर बरकरार रखा है। फेड रिजर्व के इस फैसला का अमेरिकी शेयर बाजारों पर पॉजीटिव असर हुआ है। और अमेरिकी बाजारों में तेजी देखने को मिली है।इससे पहले फेडरल रिजर्व ने लगातार 11 बार प्रमुख ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी। फेडरल रिजर्व ने इस बात पर चिंता जताई है कि बॉन्ड यील्ड अभी उंचे लेवल पर बनी हुई है। इसके अलावा अमेरिकी अर्थव्यवस्था और जॉब मार्केट में ग्रोथ दिखाई नहीं दे रही है, साथ ही महंगाई दर भी केंद्रीय बैंक के सामान्य स्तर से ज्यादा बनी हुई है। प्रमुख महंगाई दर 3.7 फीसदी रही है।
कैसा है अमेरिकी इकोनॉमी का हाल
फेडरल रिजर्व की सबसे अहम चिंता अमेरिकी अर्थव्यवस्था और जॉब मार्केट में ग्रोथ दिखाई नहीं देना है। इसके अलावा अमेरिका में महंगाई की दर अब भी उसके लक्ष्य दो फीसदी के काफी ऊपर बनी हुई है। बैठक के बाद जारी बयान में केंद्रीय बैंक ने इस बात पर चिंता जताई है कि बॉन्ड यील्ड अभी उंचे लेवल पर बनी हुई है। हालांकि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से ग्रोथ पर पॉजीटिव असर है। वहीं रोजगार की बात करें तीसरी तिमाही में कमजोरी आई है लेकिन इसकी ग्रोथ रेट अब भी ठीक लेवल पर है। सितंबर तिमाही में अमेरिका की जीडीपी में 4.9 फ़ीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई जो उम्मीद से बेहतर है।
भारतीय शेयर बाजार पर कैसा होगा असर
भले ही फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदवाव नहीं किया है। लेकिन उसने इस बात के भी संकेत दिए हैं कि ब्याज दरें आने वाले समय में भी उंचे लेवल पर बनी रह सकती हैं,और इसमें फिलहाल कटौती की योजना नहीं है। ऐसे में शेयर बाजार पर इस संकेत का दवाब बन सकता है। पिछले कुछ समय विदेशी निवेशक शेयर बाजार में बिकवाली कर रहे हैं।
