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FD, Gold या Stock नहीं! लॉन्ग टर्म के लिए प्रॉपर्टी है बेस्ट निवेश, एक्सपर्ट ने गिनाए 5 अहम कारण

Who is best investment Medium: सही समय पर सही निवेश माध्यम चुनकर ही आप शानदार रिटर्न पा सकते हैं। आज हम आपको चारों प्रमुख निवेश माध्यमों के बारे में बता रहे हैं।

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बेस्ट निवेश विकल्प

पिछले दो वर्षों में शेयर बाजार (Stock Market) ने निवेशकों को निराश किया है। सीधे स्टॉक्स में पैसा लगाने वाले हों या SIP के जरिए म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले, अधिकांश निवेशकों को इस दौरान या तो मामूली या फिर निगेटिव रिटर्न मिला है। बाजार की इस उठापटक के बीच अब निवेशकों के मन में यह बड़ा सवाल तैर रहा है कि आखिर सुरक्षित और बेहतर मुनाफे के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), गोल्ड (Gold), स्टॉक या रियल एस्टेट में से कौन सा विकल्प सबसे सही है?

बाजार के जानकारों का स्पष्ट मानना है कि हर व्यक्ति के फाइनेंशियल लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की समय-सीमा अलग-अलग होती है, और निवेश का फैसला हमेशा इन्हीं पैमानों पर होना चाहिए। हालांकि, अगर कोई निवेशक शेयर बाजार के रोज-रोज के उतार-चढ़ाव और मानसिक तनाव से पूरी तरह बचना चाहता है, और उसका लक्ष्य लंबी अवधि (Long Term) का है, तो उसके लिए प्रॉपर्टी यानी रियल एस्टेट आज भी सबसे भरोसेमंद और बेस्ट विकल्प साबित हो सकता है।

लॉन्ग टर्म निवेश के लिहाज से प्रॉपर्टी कैसे एक 'पैसा वसूल' और सुरक्षित माध्यम बन सकती है, इसे बारीकी से समझने के लिए हमने देश के दिग्गज रियल एस्टेट एक्सपर्ट और अंतरिक्ष इंडिया के सीएमडी (CMD) राकेश यादव से खास बातचीत की। आइए जानते हैं कि उनके अनुसार प्रॉपर्टी में निवेश के क्या बड़े फायदे हैं और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

प्रॉपर्टी में निवेश के 5 फायदे जो और कहीं नहीं

1. कम्पाउंडिंग और कैपिटल एप्रिसिएशन

शॉर्ट टर्म में भले ही शेयर बाजार आगे दिखे, लेकिन 10 से 20 साल के टाइमफ्रेम में रियल एस्टेट ने हमेशा निवेशकों को चौंकाया है। जमीन की सीमित उपलब्धता के कारण प्रॉपर्टी की कीमत तेजी से बढ़ रही है। मांग और आपूर्ति का यह असंतुलन प्रॉपर्टी की कीमतों को लंबी अवधि में तेजी से बढ़ाता है।

2. 'पैसिव इनकम' का मजबूत जरिया

सोना लॉकर में पड़ा रहता है और स्टॉक तब तक जेब में पैसा नहीं डालते जब तक आप उन्हें बेचें नहीं (डिविडेंड को छोड़कर)। लेकिन प्रॉपर्टी एक ऐसा एसेट है जो आपको दोतरफा मुनाफा देता है। फ्लैट, कमर्शियल शॉप या प्लॉट (लीज पर) आपको हर महीने रेंटल इनकम (Rent) के रूप में एक बंधी-बंधाई रकम देते हैं। हर साल किराए में 5% से 10% की बढ़ोतरी होती है, जिससे आपकी पैसिव इनकम महंगाई को आसानी से मात दे देती है।

3. कम पैसे में बड़ी प्रॉपर्टी

रियल एस्टेट इकलौता ऐसा मार्केट है जहां आप दूसरों के पैसे से अमीर बन सकते हैं। अगर आपको ₹50 लाख के शेयर या सोना खरीदना है, तो आपको पूरे ₹50 लाख नकद देने होंगे। कोई भी बैंक आपको इसके लिए आसानी से लोन नहीं देगा। लेकिन प्रॉपर्टी के मामले में आप सिर्फ 10% से 20% (डाउन पेमेंट) देकर ₹50 लाख की प्रॉपर्टी के मालिक बन सकते हैं। बाकी का 80% पैसा बैंक लगाता है, जिसे आप आसान ईएमआई (EMI) और रेंटल इनकम के जरिए चुका सकते हैं।

4. शेयर बाजार जैसी 'अस्थिरता' नहीं

शेयर बाजार में रातों-रात 10% की गिरावट आना आम बात है, जो कई बार निवेशकों को मानसिक तनाव देती है। प्रॉपर्टी एक ठोस संपत्ति है। रियल एस्टेट मार्केट कभी भी एक दिन में क्रैश नहीं होता।

5. टैक्स छूट और जेनरेशनल वेल्थ

टैक्स बेनिफिट्स: होम लोन के ब्याज (Section 24) और प्रिंसिपल अमाउंट (Section 80C) पर मिलने वाली टैक्स छूट आपके निवेश की लागत को काफी कम कर देती है। इसके अलावा, लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) को री-इन्वेस्ट करके आप टैक्स बचा सकते हैं। प्रॉपर्टी एक ऐसी संपत्ति है जिसे आप अपनी आने वाली पीढ़ियों को ट्रांसफर कर सकते हैं, जिसकी वैल्यू समय के साथ सिर्फ बढ़ेगी ही।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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