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जिस रफ्तार से बढ़ी, उतनी ही तेजी से घटी Elon Musk की नेटवर्थ, 5 दिन में गंवाए ₹33.25 लाख करोड़

दुनिया के सबसे अमीर शख्स Elon Musk की नेटवर्थ SpaceX IPO के बाद जिस तेजी से बढ़ी, अब उतनी ही तेजी से घटी है। 5 दिन में मस्क ने 33.25 लाख करोड़ गंवाए हैं। हालांकि, वे अब भी ट्रिलियनेयर हैं।

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मस्क की दौलत में आई बड़ी कमी

SpaceX Market Cap and Elon Musk Net worth : दुनिया के पहले खरबपति बने एलन मस्क की नेटवर्थ को बड़ा झटका लगा है। 5 दिन के भीतर ही मस्क को 350 अरब डॉलर यानी करीब 33.25 लाख करोड़ रुपये का झटका लगा है।

SpaceX IPO के बाद दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बने मस्क की संपत्ति स्पेस एक्स के शेयरों में आई तेजी के चलते 1.38 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई। लेकिन, अब स्पेस एक्स की शेयर प्राइस इसके ऑल टाइम हाई 225.64 डॉलर से करीब 33.52% नीचे 150 डॉलर आ गई है। ऐसे में मस्क की नेटवर्थ और स्पेसएक्स के मार्केट कैप को बड़ा झटका लगा है।

नैस्डैक पर स्पेसएक्स का शेयर प्राइस सोमवार 22 जून को 154.60 पर बंद हुआ, इस दौरान यह 150 डॉलर तक लुढ़क गया। वहीं, इससे पहले 16 जून को यह 225.64 डॉलर के हाई तक पहुंच गया था। इस तरह पीक से शेयर के साथ ही कंपनी का मार्केट कैप जहां 600 अरब डॉलर घट गया है। वहीं, मस्क की नेटवर्थ 350 अरब डॉलर से ज्यादा घट गई है।

एक दिन में 16% की गिरावट

सोमवार को कंपनी के शेयर करीब 20 फीसदी लुढ़कर $150 तक पहुंच गए। हालांकि, दिन के आखिर में 16.4% टूटकर 155 डॉलर के करीब बंद हुए। इस महा-बिकवाली के कारण स्पेसएक्स का मार्केट कैप अपने $3 ट्रिलियन के सर्वोच्च शिखर से $600 बिलियन (लगभग ₹50 लाख करोड़) साफ होकर $2.3-2.4 ट्रिलियन पर आ चुका है। इस गिरावट की सीधी मार एलन मस्क पर पड़ी है, जिनकी कुल संपत्ति रिकॉर्ड $350 बिलियन घटकर $1.1 ट्रिलियन रह गई है।

क्यो आई गिरावट ?

बाजार विश्लेषकों के मुताबिक स्पेसएक्स के हाई वैल्यूएशन के गुब्बारे के फूटने के पीछे तीन बड़ी वजह हैं। इनमें पहली वजह कर्सर का अधिग्रहण है। इसके लिए कंपनी 60 अरब डॉलर का भारी-भरकम खर्च करने जा रही है। इसका कंपनी की बैलेंस शीट पर असर आएगा। यह एक ऑल-स्टॉक डील थी, जिसकी वजह से मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी में 3.4% का डाइल्यूशन (कमी) हुआ।

डाइल्यूशन को देखते हुए मॉर्निंगस्टार जैसी फर्मों ने इसके फेयर वैल्यू एस्टीमेट को घटा दिया। इसके अलावा दूसरी बड़ी वजह MSCI की तरफ से दी गई खराब रेटिंग है। MSCI ने कंपनी के कमजोर गवर्नेंस और भारी-भरकम AI विस्तार के जोखिमों को देखते हुए 'CCC' रेटिंग दी है। इसकी वजह से बड़े वैश्विक फंड्स ने शेयर बेचना शुरू कर दिया है। तीसरी वजह शॉर्ट-टर्म लोन और कम पब्लिक फ्लोट है।

    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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