बिजनेस

अंडा हुआ महंगा, दो महीने में 35 फीसदी बढ़े दाम, आगे भी राहत नहीं

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Nov 24, 2023, 02:41 PM IST

Egg Prices Hike: अंडों का निर्यात भी तेजी से बढ़ रहा जिससे कीमतों में बढ़ोतरी में मदद मिल रही है। अंडो की कीमतें मौजूदा स्तर पर बने रहने की संभावना है। सिंतबर से अब तक नमाक्काल अंडे के मुख्य उत्पादक ने 37 फीसदी तक अंडे के रेट बढ़ाएं हैं।

Image

अंडो की कीमतें मौजूदा स्तर पर बने रहने की संभावना है।

Photo : Twitter

Egg Prices Hike: सर्दियों का मौसम शुरू हो चुका है और इस दौरान अंडों की सबसे ज्यादा खपत होती है। ऐसे में यह तेजी आगे भी देखने को मिल सकती है। इसके पीछे की वजह उत्पादकों द्वारा चूजों के प्लेसमेंट (अंडे सेने) में कमी और बढ़ती उत्पादन लागत बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले दो महीनों में अंडे की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। यह सिलसिला पूरे ठंड के मौसम के दौरान जारी रह सकता है।

सितंबर से अब तक 37 फीसदी बढ़े रेट

अंडों का निर्यात भी तेजी से बढ़ रहा जिससे कीमतों में बढ़ोतरी में मदद मिल रही है। बिजनेस लाइन के रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी तक अंडो की कीमतें मौजूदा स्तर पर बने रहने की संभावना है। सिंतबर से अब तक नमाक्काल अंडे के मुख्य उत्पादक ने 37 फीसदी तक अंडे के रेट बढ़ाएं हैं। नेशनल एग कॉर्डिनेशन कमिटी के डाटा के मुताबिक सितंबर के 400 रुपये प्रति 100 अंडे से अब कीमतें 550 रुपये प्रति 100 अंडे तक पहुंच गई है।

चेन्नई और बेंगलुरु में भी बढ़े दाम

इसके अलावा चेन्नई में अंडो की कीमतों में 28 फीसदी का उछाल आया है। सितंबर में जो कीमतें 475 रुपये थीं अब 610 रुपये तक हो गई हैं। वहीं बेंगलुरु में 440 रुपये से 595 रुपये तक पहुंच गई हैं। जो कि अंडों की कीमतों में 35 फीसदी का उछाल हैं।

महीनेभर में औसतन अंडे की कीमतें बड़ी वृद्धि देखने को मिली है। जबिक नमाक्कल में जनवरी में 544.19 रुपये के अंडे मिल रहे थे वहीं अप्रैल में कम होकर 429.67 पर आ गए थे। लेकिन इसके बाद जून में अंडों की कीमतें ने 529.17 रुपये का लेवल पार कर लिया। अक्टूबर में औसतन कीमत 508.3 पर आ गई और अभी (20 नवंबर तक) औसतन कीमतें 541.43 रुपये तक पहुंच गई हैं।

ये फैक्टर भी करेंगे प्रभावित

पिछले 30 दिनों में नमाक्कल में अंडें की कीमतों में 6.8 फीसदी बढ़ें हैं। कीमतों में सीजनल फैक्टर जैसे मौसम जो मुर्गियों के अंडे सेने के पैटर्न को प्रभावित कर सकता है। ठंडा तापमान भी अंडे के प्रोडक्शन को कम कर सकता है। जिसकी वजह से सप्लाई में बाधा पहुंच सकती है।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

और पढ़ें
End of Article