Induction Choolha : सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी इलेक्ट्रिक एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) जल्द ही दो चरणों में 5 लाख इलेक्ट्रिक चूल्हे खरीदने के लिए नई निविदा (Tender) जारी करने की योजना बना रही है। यह कदम मुख्य रूप से बढ़ती मांग और घरेलू खाना पकाने के लिए उपलब्ध विकल्पों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण एलपीजी और देश की प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस स्थिति को देखते हुए इलेक्ट्रिक चूल्हों का उपयोग बढ़ाना महत्वपूर्ण हो गया है।
पहले चरण की योजना और इंडक्शन चूल्हों की मांग
सूत्रों ने बताया कि EESL ने हाल ही में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए एक लाख इंडक्शन चूल्हों की खरीदी के लिए निविदा जारी की है। इसके साथ ही विभिन्न राज्य सरकारों और ग्राहकों की प्रतिक्रिया को देखते हुए इंडक्शन चूल्हों के लिए उपयुक्त बर्तनों की भी निविदा जारी की गई है। EESL के अधिकारियों का कहना है कि “वर्तमान बाजार में इंडक्शन चूल्हों की मांग को देखते हुए, हम मौजूदा विक्रेताओं से खरीदी गई मात्रा के बाद पांच लाख से अधिक इकाइयों के लिए नई निविदा जारी करने की योजना बना रहे हैं।
राष्ट्रीय ‘इलेक्ट्रिक कुकिंग प्रोग्राम’ का विस्तार
EESL ने 2023 में राष्ट्रीय ‘इलेक्ट्रिक कुकिंग प्रोग्राम’ (NECP) की शुरुआत की थी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिक कुकिंग को बढ़ावा देना और पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता कम करना है। हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण एलपीजी की कमी आई है और इसके कारण इलेक्ट्रिक चूल्हों की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली। ईईएसएल ने कीमतों को स्थिर रखते हुए बढ़ती मांग को पूरा करने का निर्णय लिया है।
सरकार के ‘गो-इलेक्ट्रिक’ अभियान में योगदान
EESL का यह कदम सरकार के ‘गो-इलेक्ट्रिक’ अभियान के तहत आता है। राष्ट्रीय कुशल खाना पकाने के कार्यक्रम (NECP) इस अभियान की एक प्रमुख पहल है। यह कार्यक्रम 2 नवंबर, 2023 को शुरू किया गया था और इसमें उजाला और ग्राम उजाला जैसे कार्बन-बचत अनुभवों को ध्यान में रखा गया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल पर्यावरण की सुरक्षा होगी, बल्कि घरेलू परिवारों के लिए खाना पकाने के लिए किफायती और सुरक्षित विकल्प भी उपलब्ध होंगे। इंडक्शन और अन्य इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों के उपयोग से गैस पर निर्भरता कम होगी और घरों में स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा।
इलेक्ट्रिक चूल्हों की बढ़ती लोकप्रियता
EESL के अनुसार, इंडक्शन चूल्हों की मांग में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। विभिन्न राज्यों और ग्राहकों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए कंपनी ने नई निविदा जारी करने का निर्णय लिया है। इस कदम से न केवल घरेलू उपयोगकर्ताओं को फायदा होगा, बल्कि यह भारत में स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा देगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों की बढ़ती उपलब्धता और उनकी किफायती कीमतों से घरेलू गैस पर निर्भरता काफी हद तक कम हो सकती है। इसके साथ ही यह कदम ऊर्जा सुरक्षा और ऊर्जा दक्षता की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। EESL की यह पहल न केवल बढ़ती घरेलू ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि देश में इलेक्ट्रिक कुकिंग को बढ़ावा देकर पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा दोनों में योगदान देगी। पांच लाख से अधिक इंडक्शन चूल्हों की नई खरीदी से भारत में इलेक्ट्रिक कुकिंग की दिशा में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
