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हर महीने कमाते हैं 50,000 से 2 लाख रुपये? जानें 10 साल में कितनी होगी बचत

हर नौकरी करने वाला व्यक्ति चाहता है कि उसकी सैलरी का कुछ हिस्सा भविष्य की जरूरतों के लिए भी बचे। ऐसे में निवेश के साथ भविष्य में कितना फंड तैयार किया जा सकता है इसका अनुमान लगाया जाना जरूरी है।

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मंथली सैलरी से बचा कर 10 साल में कितना बड़ा फंड होगा तैयार (Photo: iStock)

हर नौकरीपेशा व्यक्ति चाहता है कि उसकी सैलरी का कुछ हिस्सा बचत और निवेश में लगे, ताकि भविष्य में घर खरीदने, बच्चों की पढ़ाई या रिटायरमेंट जैसे बड़े खर्चों के लिए पैसा जुटाया जा सके। लेकिन सिर्फ ज्यादा कमाई करना ही काफी नहीं है। सही समय पर निवेश शुरू करना और नियमित रूप से पैसा लगाते रहना भी जरूरी है।

सवाल यह कि अगर किसी व्यक्ति की सैलरी 50 हजार, 1 लाख या 2 लाख रुपये महीना हो तो 10 साल में कितना बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है-

50 हजार रुपये की सैलरी पर कितनी होगी बचत?

अगर आपकी हर महीने की इन-हैंड सैलरी 50,000 है और आप इसका 15% यानी 7,500 हर महीने SIP में निवेश करते हैं, तो 10 साल में आपका कुल निवेश 9 लाख रुपये होगा। अगर इस दौरान सालाना औसतन 10% रिटर्न मिलता है, तो आपका फंड लगभग 15.4 लाख हो सकता है। यानी निवेश पर करीब 6.4 लाख का अतिरिक्त फायदा मिल सकता है।

1 लाख की सैलरी पर बनेगा कितना फंड?

वहीं, अगर आपकी मंथली सैलरी 1 लाख है और आप हर महीने 25,000 निवेश करते हैं तो 10 साल में आपकी जेब से कुल 30 लाख निवेश होंगे। 10% सालाना अनुमानित रिटर्न के हिसाब से यह रकम बढ़कर करीब 51.4 लाख हो सकती है। इस तरह निवेश से लगभग 21.4 लाख का फायदा मिल सकता है।

2 लाख की सैलरी पर 10 साल में कितना पैसा?

2 लाख महीने कमाने वाले व्यक्ति के लिए हर महीने 50,000 रुपये निवेश करना एक उदाहरण हो सकता है। इस हिसाब से 10 साल में कुल 60 लाख निवेश होंगे। अगर निवेश पर सालाना 10% रिटर्न मिलता है, तो कुल फंड लगभग 1.03 करोड़ तक पहुंच सकता है। इसमें करीब 43 लाख निवेश से होने वाला अनुमानित लाभ शामिल होगा।

10 साल की बचत का पूरा हिसाब

मंथली सैलरीमंथली निवेश10 साल में कुल निवेश10% रिटर्न पर अनुमानित फंड
50,000 रुपये7,500 रुपये9 लाख रुपये15.4 लाख रुपये
1 लाख रुपये25,000 रुपये30 लाख रुपये51.4 लाख रुपये
2 लाख रुपये50,000 रुपये60 लाख रुपये1.03 करोड़ रुपये

निवेश करते समय इन बातों का रखें ध्यान

हालांकि, ये आंकड़े अनुमान पर आधारित हैं, गारंटीड रिटर्न नहीं हैं। म्यूचुअल फंड की SIP में बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण वास्तविक रिटर्न कम या ज्यादा हो सकता है। इसके अलावा महंगाई भी भविष्य में जमा रकम की खरीदने की क्षमता को प्रभावित करेगी। इसलिए अपनी आमदनी और खर्चों के अनुसार निवेश तय करें। सैलरी बढ़ने पर SIP बढ़ाने की कोशिश करें और निवेश से पहले इमरजेंसी फंड तैयार रखें। नियमित निवेश और अनुशासित बचत से लंबे समय में मजबूत आर्थिक आधार बनाया जा सकता है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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