China Unemployment : चीन की अर्थव्यवस्था इस समय गंभीर सुस्ती के दौर से गुजर रही है, जिसका सीधा असर वहां के युवाओं और रोजगार बाजार पर पड़ रहा है। हाल ही में जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, चीन में 16 से 24 वर्ष के युवाओं (छात्रों को छोड़कर) के बीच बेरोजगारी दर जुलाई महीने में बढ़कर 17.9 प्रतिशत पर पहुंच गई है। यह आंकड़ा जून में दर्ज की गई 14.9 प्रतिशत की दर से काफी अधिक है। हाल के वर्षों में यह दूसरा ऐसा मौका है जब चीन में युवाओं के बीच बेरोजगारी का आंकड़ा इस चिंताजनक स्तर पर पहुंचा है। इससे पहले अगस्त 2025 में यह आंकड़ा 18.9 प्रतिशत और जून 2026 में 17.8 प्रतिशत दर्ज किया गया था।
लाखों नए स्नातकों का बाजार में आना बनी सबसे बड़ी चुनौती
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक चीन में जुलाई के दौरान बेरोजगारी दर में आए इस अचानक और भारी उछाल की सबसे बड़ी वजह रिकॉर्ड संख्या में युवाओं का पढ़ाई पूरी कर नौकरी के बाजार में उतरना है। जुलाई और अगस्त के महीनों में चीन के विश्वविद्यालयों से पास आउट होकर रिकॉर्ड 1.27 करोड़ नए स्नातक नौकरी की तलाश में बाजार में उतरे हैं। यह संख्या पिछले साल की तुलना में करीब 4 प्रतिशत अधिक है। इतनी बड़ी संख्या में हर साल डिग्री धारक युवाओं का बाजार में आना और उनके मुकाबले अर्थव्यवस्था में नए रोजगार के अवसरों का न बन पाना चीन के लिए एक बड़ी सामाजिक और आर्थिक चुनौती बन गया है।
सुस्त पड़ती आर्थिक वृद्धि दर ने बढ़ाई परेशानी
रोजगार बाजार पर बना यह दबाव चीन की कमजोर पड़ती आर्थिक रफ्तार का सीधा नतीजा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि देश की आर्थिक वृद्धि दर में आई भारी गिरावट के कारण कंपनियां नई भर्तियां करने से बच रही हैं। आंकड़ों के मुताबिक, इस साल की जून तिमाही में चीन की आर्थिक वृद्धि दर (जीडीपी ग्रोथ) घटकर मात्र 4.3 प्रतिशत रह गई। यह 2022 के अंत के बाद से चीन की सबसे धीमी तिमाही वृद्धि दर है। इससे ठीक पहले जनवरी से मार्च की पहली तिमाही में यह वृद्धि दर 5 प्रतिशत रही थी। अर्थव्यवस्था की यह सुस्ती नए रोजगार पैदा करने की क्षमता को लगातार सीमित कर रही है।
रियल एस्टेट की बदहाली और घरेलू मांग में कमी
चीन के प्रसिद्ध समाचार पत्र 'साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट' की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश का संपत्ति (रियल एस्टेट) क्षेत्र लंबे समय से गंभीर संकट से गुजर रहा है। अतीत में रियल एस्टेट, निर्माण और इनसे जुड़े अन्य उद्योग युवाओं और प्रवासी मजदूरों को सबसे ज्यादा नौकरियां दिया करते थे, लेकिन अब इनमें भारी गिरावट आई है। इसके अलावा, घरेलू स्तर पर सामानों की मांग में कमी आने और निजी कंपनियों द्वारा भविष्य की अनिश्चितता को देखते हुए नया निवेश न करने की नीति ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
अनुभवी युवा भी संकट की जद में
युवाओं की बेरोजगारी का यह असर सिर्फ नए स्नातकों तक सीमित नहीं है, बल्कि थोड़ा अधिक उम्र और अनुभव वाले युवाओं पर भी पड़ रहा है। आंकड़ों के अनुसार, 25 से 29 वर्ष के आयु वर्ग के युवाओं में भी बेरोजगारी दर जून के 7.1 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई में 7.2 प्रतिशत हो गई है। कुल मिलाकर, प्रॉपर्टी सेक्टर का संकट, निजी निवेश में भारी कमी और सुस्त आर्थिक गतिविधियां चीन के नौकरी बाजार को पूरी तरह से प्रभावित कर रही हैं, जिससे आने वाले समय में चीन के युवाओं के लिए स्थितियां और चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं।
