भारतीय व्यापार जगत ने देशहित में एक बड़ा कदम उठाते हुए तुर्किये और अजरबैजान के साथ सभी व्यापारिक संबंध समाप्त करने का निर्णय लिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद और अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (CAIT) के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने आज दिल्ली में आयोजित व्यापारी नेताओं के एक महत्वपूर्ण सम्मेलन के बाद यह घोषणा की। बता दें कि 24 से ज्यादा राज्यों के व्यापारी नेता इस बैठक में शामिल हुए इसके साथ ही टूरिज्म व्यापार के क्षेत्र से भी कई सारे व्यापारी इस बैठक में शामिल होकर उन्होंने देश हित में फैसला लिया।
खंडेलवाल ने कहा कि, तुर्किये और अजरबैजान ने वैश्विक मंचों पर बार-बार भारत विरोधी रुख अपनाते हुए पाकिस्तान का खुला समर्थन किया है। ऐसे में देश के व्यापारी अब इन दोनों देशों से किसी भी प्रकार का व्यापार करना उचित नहीं समझते। उन्होंने स्पष्ट किया कि तुर्किये और अजरबैजान से होने वाला आयात और निर्यात तुरंत प्रभाव से बंद किया जाएगा।
फिल्म इंडस्ट्री से भी की गई अपील
प्रवीण खंडेलवाल ने भारत की फिल्म इंडस्ट्री से भी आग्रह किया है कि तुर्किये और अजरबैजान में अपनी फिल्मों की शूटिंग ना करें। उन्होंने कहा, "बहुत सारी कंपनियां अपने उत्पादों के प्रचार के लिए तुर्किये और अजरबैजान में शूटिंग करती हैं। यदि कोई कंपनी अब भी वहां शूटिंग करेगी, तो हम उसका भी बहिष्कार करेंगे।"
व्यापारियों ने कहा कि राष्ट्रीय स्वाभिमान का सवाल
व्यापारियों का यह निर्णय केवल आर्थिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ा हुआ है। सम्मेलन में शामिल व्यापारी नेताओं ने एकमत होकर इस फैसले का समर्थन किया और यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया कि इन दोनों देशों के साथ किसी भी प्रकार का व्यापारिक सहयोग न किया जाए।
CAIT का अगला कदम
CAIT आने वाले समय में व्यापारियों को जागरूक करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएगा। इसके अंतर्गत व्यापार संघों, कंपनियों और उपभोक्ताओं को इस निर्णय की जानकारी दी जाएगी और देशहित में एकजुट होकर काम करने की अपील की जाएगी।
मुख्य निर्णय
1. तुर्किये और अज़रबैजान के उत्पादों का देशव्यापी बहिष्कार
भारत के व्यापारी अब तुर्किये और अज़रबैजान से आयात-निर्यात बंद करेंगे।
2. व्यापारिक संबंधों पर पूर्ण विराम
भारतीय निर्यातकों, आयातकों और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों को इन देशों की कंपनियों या संस्थानों के साथ किसी भी प्रकार की व्यावसायिक साझेदारी से रोका जाएगा।
3. यात्रा और पर्यटन योजनाओं का बहिष्कार
यात्रा एजेंसियों और इवेंट प्लानर्स से अनुरोध किया जाएगा कि वे तुर्किये और अज़रबैजान को पर्यटन या व्यावसायिक गंतव्य के रूप में प्रचारित न करें।
4. भारत सरकार से अपील
व्यापार और उद्योग मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें इन देशों के साथ सभी व्यावसायिक संबंधों की नीति स्तर पर समीक्षा की मांग की जाएगी।
खंडेलवाल ने अंत में कहा कि “भारतीय व्यापारिक समुदाय हमेशा राष्ट्र के साथ खड़ा रहा है। जब कोई देश भारत की एकता और अखंडता को चुनौती देता है, तो हम उसका उत्तर शांति के सबसे प्रभावशाली अस्त्र – आर्थिक बहिष्कार – के माध्यम से देंगे।”
CAIT देशभर में एक व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाएगा, ताकि व्यापारियों, उपभोक्ताओं और यात्रा पेशेवरों को इस बहिष्कार से जोड़कर राष्ट्र की संप्रभुता, सुरक्षा और गौरव की रक्षा की जा सके।
