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कैबिनेट ने इस शहर के लिए 6-लेन कैपिटल रिजन रिंग रोड को दी मंजूरी, 8308 करोड़ की बड़ी परियोजना से सुधरेगी कनेक्टिविटी!

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  • Updated Aug 19, 2025, 04:22 PM IST

Bhubaneswar 6 lane Capital Region Ring Road: सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केंद्रीय कैबिनेट ने भुवनेश्वर में 6-लेन कैपिटल रीजन रिंग रोड को मंजूरी दी, जिसकी अनुमानित लागत 8,308 करोड़ रुपये है।

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केंद्रीय कैबिनेट ने भुवनेश्वर में 6-लेन कैपिटल रीजन रिंग रोड को मंजूरी दी (प्रतीकात्मक तस्वीर-istock)

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Bhubaneswar 6 lane Capital Region Ring Road: सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि केंद्रीय कैबिनेट ने भुवनेश्वर में 6-लेन कैपिटल रीजन रिंग रोड को मंजूरी दी, जिसकी अनुमानित लागत 8,308 करोड़ रुपये है।

भुवनेश्वर में बनेगा 6-लेन कैपिटल रीजन रिंग रोड

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को ओडिशा में ₹8,307.74 करोड़ की लागत से छह लेन वाले कैपिटल रीजन रिंग रोड (भुवनेश्वर बाइपास) परियोजना के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इस महत्त्वाकांक्षी योजना का विकास हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत किया जाएगा।

बढ़ते ट्रैफिक और शहरी भीड़भाड़ से मिलेगी राहत

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 110 किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग रामेश्वर और तांगी के बीच बनेगा और भुवनेश्वर, कटक और खोरधा जैसे शहरी क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। इस परियोजना से इन इलाकों में बढ़ते यातायात और जाम की समस्या का समाधान होगा।
  • रिंग रोड की लंबाई: 110 किमी
  • लागत: 8,307 करोड़ रुपये
  • समय अवधि: 2.5 साल निर्माण और 15 साल संचालन एवं रखरखाव।

लॉजिस्टिक लागत घटेगी, आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

सरकारी बयान के अनुसार, यह नई सड़क परियोजना भारी वाणिज्यिक ट्रैफिक को शहरी केंद्रों से हटाकर लाएगी, जिससे ओडिशा और अन्य पूर्वी राज्यों को लॉजिस्टिक दृष्टिकोण से बड़ा लाभ होगा। इससे माल ढुलाई में तेजी आएगी, लॉजिस्टिक लागत घटेगी और क्षेत्र में समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

कई हाईवे और ट्रांसपोर्ट हब से होगा सीधा जुड़ाव

यह रिंग रोड परियोजना तीन राष्ट्रीय राजमार्गों (NH-55, NH-57 और NH-655) और एक राज्य राजमार्ग (SH-65) से जोड़ी जाएगी। साथ ही यह परियोजना रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डा, प्रस्तावित मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क और दो प्रमुख बंदरगाहों को जोड़कर बहु-आयामी परिवहन एकीकरण को मजबूत बनाएगी।

धार्मिक व आर्थिक केंद्रों से बेहतर संपर्क

यह बाइपास प्रमुख धार्मिक और औद्योगिक केंद्रों के बीच संपर्क को बेहतर करेगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इससे ओडिशा में क्षेत्रीय आर्थिक वृद्धि के नए रास्ते खुलेंगे।

बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की संभावना

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस परियोजना से करीब 74.43 लाख प्रत्यक्ष रोजगार दिवस और 93.04 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार दिवस सृजित होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। यह परियोजना ओडिशा के लिए एक बड़ी आधारभूत संरचना पहल है, जो राज्य के आर्थिक परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखती है।
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