अपना घर खरीदना हर किसी के जीवन का एक बड़ा सपना होता है। हालांकि, पहली बार घर खरीदने वालों के लिए यह फैसला जितना खास होता है, उतना ही जिम्मेदारी भरा भी होता है। प्रॉपर्टी की कीमत, डाउन पेमेंट, होम लोन (Home Loan) की ईएमआई और लीगल डॉक्यूमेंट्स जैसी कई बातों पर ध्यान देना जरूरी है। सही योजना बनाकर आप अपने बजट के अनुसार घर खरीद सकते हैं और भविष्य में आर्थिक दबाव से भी बच सकते हैं। अगर आप भी पहली बार घर खरीद रहे हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रख सकते हैं-
सबसे पहले तय करें अपना बजट
घर तलाशने से पहले यह समझना जरूरी है कि आप हर महीने कितनी ईएमआई (EMI) आसानी से चुका सकते हैं। अपनी मंथली इनकम, मौजूदा लोन, घरेलू खर्च और बचत को ध्यान में रखकर बजट बनाएं। केवल प्रॉपर्टी की कीमत ही नहीं, बल्कि रजिस्ट्रेशन, स्टांप ड्यूटी, इंटीरियर और शिफ्टिंग जैसे अतिरिक्त खर्चों के लिए भी पैसा अलग रखें। डाउन पेमेंट (Down Payment) के लिए अपनी पूरी बचत खर्च करने से बचें, ताकि इमरजेंसी में पर्याप्त रकम उपलब्ध रहे।
क्रेडिट स्कोर की करें जांच
होम लोन (Home Loan) के लिए आवेदन करने से पहले अपना क्रेडिट स्कोर (Credit Score) जरूर जांच लें। अच्छा क्रेडिट स्कोर और समय पर कर्ज चुकाने का रिकॉर्ड लोन आवेदन को मजबूत बना सकता है। इससे बैंक को आपकी पुनर्भुगतान क्षमता का आकलन करने में मदद मिलती है। अगर पहले से कोई लोन या क्रेडिट कार्ड (Credit Card) बकाया है तो उसकी किस्तें चुकाएं और गैरजरूरी कर्ज लेने से बचें।
प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट्स की करें जांच
घर खरीदने से पहले उसकी कानूनी स्थिति की जांच करना बेहद अहम है। विक्रेता के स्वामित्व से जुड़े डॉक्यूमेंट्स, सेल डीड, टाइटल डीड और एनकम्ब्रेंस सर्टिफिकेट की जांच करें। अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट खरीद रहे हैं तो उसका RERA रजिस्ट्रेशन भी जांचें। इसके अलावा, स्वीकृत बिल्डिंग प्लान, ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट और प्रॉपर्टी टैक्स की रिसिप्ट देखना न भूलें। जरूरत पड़ने पर किसी कानूनी विशेषज्ञ की मदद ले सकते हैं।
होम लोन लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
अलग-अलग बैंकों के ब्याज दरों, लोन अवधि, प्रोसेसिंग फीस और समय से पहले भुगतान की शर्तों की तुलना करें। फिक्स्ड और फ्लोटिंग ब्याज दरों के अंतर को समझकर ही विकल्प चुनें। लोन की ईएमआई ऐसी रखें, जिससे नियमित खर्च और बचत प्रभावित न हों। वेतनभोगी आवेदकों को सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट, जबकि स्वरोजगार करने वालों को आयकर रिटर्न और कारोबार से जुड़े वित्तीय दस्तावेज तैयार रखने चाहिए।
लंबे समय की योजना बनाएं
होम लोन (Home Loan) कई वर्षों तक चल सकता है, इसलिए नौकरी, परिवार की जरूरतों और भविष्य के खर्चों को ध्यान में रखकर फैसला लें। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त भुगतान करने की सुविधा भी समझें। सही बजट, डॉक्यूमेंट्स की जांच और सोच-समझकर लिए गए होम लोन के साथ अपना पहला घर खरीदने का सपना आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।
