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Budget 2024 Expectations: क्या 80D नई टैक्स व्यवस्था में शामिल होगी और छूट की सीमा बढ़ेगी?

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Jan 9, 2024, 04:31 PM IST

Budget 2024 Expectations: अंतरिम बजट 2024 एक फरवरी को संसद में पेश होने जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि नई टैक्स व्यवस्था में 80D को शामिल किया जाएगा।

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80डी कटौती सीमा में होगा बदलाव?

Photo : BCCL

Budget 2024 Expectations: केंद्रीय बजट 2024-25 चुनाव के कारण 1 फरवरी को अंतरिम बजट होगा। इस बजट में नई टैक्स व्यवस्था में 80D के शामिल किए जाने की उम्मीद है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हम 2024 के अंतरिम बजट में हेल्थ केयर खर्च को लेकर व्यापक दृष्टिकोण देखना चाहते हैं। बुनियादी हेल्थ केयर पर खर्च जिसमें सामान्य इलाज करना, जरूरी दवाइयां, मां और बच्चों का इलाज, टीकाकरण और अन्य प्रिवेंटिव एक्शन्स भारतीय हेल्थ सिस्टम की मुख्य समस्याओं में से एक रही हैं।

बजट 2024 उम्मीदें (Budget 2024 Expectations)

Budget 2024: बढ़ेगी 80डी कटौती सीमा?

मेडिकल इंश्योरेंस प्रीमियम के लिए धारा 80डी के तहत कटौती की सीमा को व्यक्तियों के लिए 25,000 रुपए से बढ़ाकर 50,000 रुपए और सीनियर सिटिजन्स के लिए 50,000 रुपए से बढ़ाकर 75,000 रुपए किया जाना चाहिए। जो स्वास्थ्य देखभाल की बढ़ती लागत को दर्शाता है।

Budget 2024: नई टैक्स व्यवस्था में शामिल होगी 80D कटौती?

इसके अतिरिक्त धारा 80D के लाभों को नई टैक्स व्यवस्था में शामिल करने से हेल्थ केयर सभी तक पहुंच को बढ़ावा मिलेगी। वर्तमान में नई टैक्स व्यवस्था मेडिकल इंश्योरेश प्रीमियम के लिए कटौती की पेशकश नहीं करती है। इस लाभ को बढ़ाने से व्यापक रूप से अपनाने को बढ़ावा मिलेगा और स्वास्थ्य सेवा अधिक सुलभ हो जाएगी।

Budget 2024: नई मेडिकल टैक्नोलॉजी पर होगा जोर

हाशिए पर रहने वाले लोगों पर ध्यान केंद्रित करना, बाह्य रोगी केयर और गतिशील लागत कवरेज को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके अलावा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी नई मेडिकल टैक्नोलॉजी पर जोर दिया जाना चाहिए। जो ऑपरेशन के दौरान रोगियों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर सकती है। आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए बीमा दावों में तेजी ला सकती है और समग्र रूप से स्वास्थ्य देखभाल वितरण की प्रभावकारिता को बढ़ा सकती है।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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