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बजट 2026 से उम्मीदें: डिजिटल इकोनॉमी और छोटे शहरों में उद्योगों को बढ़ाने पर हो फोकस

Budget 2026: आम बजट 2026-27 आने में दो हफ्ते से कम समय बचा है, और विभिन्न क्षेत्रों के एक्सपर्ट अपनी उम्मीदें और सुझाव दे रहे हैं। कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन के सीईओ संजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि बजट में सरकार का ध्यान खासकर एमएसएमई द्वारा टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाने पर होना चाहिए, ताकि आर्थिक विकास और रोजगार बढ़ सके।

Budget 2026, Budget 2026 Expectations

बजट 2026-27: एमएसएमई और डिजिटल इकोनॉमी पर ध्यान देने की उम्मीद (तस्वीर-istock)

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Budget 2026 : देश का आम बजट 2026-27 आने में दो हफ्ते से भी कम का समय बचा है। ऐसे में अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ सरकार से अपनी उम्मीदें और सुझाव साझा कर रहे हैं। उनका कहना है कि बजट में सही नीतियां आने से देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

एमएसएमई में टेक्नोलॉजी अपनाने पर जोर

कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन के सीईओ संजीव कुमार गुप्ता ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि बजट में सरकार का ध्यान खासतौर पर एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) के टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाने पर होना चाहिए। उनका मानना है कि टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से एमएसएमई का प्रदर्शन और अधिक मजबूत हो सकता है।

एमएसएमई का अर्थव्यवस्था में योगदान

गुप्ता ने बताया कि भारत में टियर-2 और टियर-3 शहरों में काम करने वाले एमएसएमई का देश की अर्थव्यवस्था में योगदान लगभग 1.5 ट्रिलियन डॉलर का है। इनकी ग्रोथ रेट 10 प्रतिशत है। यदि इन उद्योगों में टेक्नोलॉजी को जोड़ दिया जाए, तो यह ग्रोथ रेट 18 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। इसलिए उन्होंने सुझाव दिया कि बजट में इस दिशा में विशेष नीति पेश की जानी चाहिए।

डिजिटल इकोनॉमी जोन की जरुरत

गुप्ता ने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में डिजिटल इकोनॉमी जोन बनाने की जरूरत है। उनका मानना है कि इससे देश में लगभग 100 नए ग्रोथ इंजन उभर सकते हैं। इन जोनों के माध्यम से नई तकनीक और डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा, जो एमएसएमई के विकास में मदद करेगा।

स्टार्टअप को बढ़ावा देने की उम्मीद

सीईओ ने तीसरी उम्मीद बताते हुए कहा कि देश में वर्तमान समय में टियर-2 और टियर-3 शहरों में लगभग एक लाख स्टार्टअप काम कर रहे हैं। बजट में ऐसी स्कीम लाने की जरूरत है जिससे इन स्टार्टअप की संख्या बढ़कर पांच लाख तक पहुँच सके। ऐसा होने से नई कंपनियों के साथ रोजगार के मौके भी बढ़ेंगे।

रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

गुप्ता का कहना है कि टेक्नोलॉजी और डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ावा देने से न सिर्फ एमएसएमई और स्टार्टअप की ग्रोथ होगी, बल्कि देश में रोजगार के अवसर भी काफी बढ़ेंगे। विशेषकर छोटे शहरों में युवाओं के लिए नए काम के मौके तैयार होंगे।

बजट की तारीख और समय

केंद्रीय बजट वित्त मंत्री द्वारा 1 फरवरी को सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा। यह वर्ष 2000 के बाद पहली बार है कि बजट संसद में रविवार को पेश किया जाएगा। इससे पहले 2025 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को बजट पेश किया था। वहीं, दिवंगत अरुण जेटली के नेतृत्व में 2015 का बजट भी शनिवार, 28 फरवरी को पेश किया गया था।

विशेषज्ञों की नजरें बजट पर

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बजट में एमएसएमई, डिजिटल इकोनॉमी और स्टार्टअप पर विशेष ध्यान दिया जाए तो देश की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार तेज होगी। इसके साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और छोटे शहरों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। ऐसे में बजट पेश होने के बाद इन क्षेत्रों के लिए सरकार की योजनाओं पर सबकी निगाहें टिकी होंगी। इस तरह, बजट 2026-27 में तकनीकी विकास, स्टार्टअप और एमएसएमई पर केंद्रित नीतियां देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती हैं।

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रामानुज सिंह
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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